राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालयों के छात्रावासों में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि अब तक जिन-जिन विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह में गई हूं, वहां के छात्रावासों व आसपास के इलाकों में जनभवन की टीम को नशे के सामान मिले हैं। यह स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने सभी कुलपतियों को तीन माह में व्यवस्था में सुधार करने को कहा।
राज्यपाल ने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के 45वें दीक्षांत समारोह में 25 मेधावियों को मेडल देकर सम्मानित किया। समारोह में 85 मेधावियों को 172 पदक प्रदान किए गए।राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रावासों और परिसर को सुरक्षित, व नशामुक्त बनाने का एक्शन प्लान तैयार करना होगा। विश्वविद्यालयों को कमियों को दूर करने के लिए तीन माह का समय दिया गया है। इसके बाद समीक्षा होगी और कुलपतियों व विश्वविद्यालय के अधिकारियों के साथ बैठक कर रोडमैप की प्रगति जानी जाएगी।
राज्यपाल ने युवाओं से कहा कि यदि नशा करना ही है तो भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का नशा करें। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि बच्चों से किसी भी प्रकार का नशे का सामान न मंगवाएं और उनकी गतिविधियों पर नजर रखें। उन्होंने छात्रावासों में बाहर से टिफिन मंगाने की व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि टिफिन के जरिये केवल भोजन ही नहीं, बल्कि प्रतिबंधित नशीले पदार्थ भी पहुंच सकते हैं। इसलिए हॉस्टलों में टिफिन व्यवस्था बंद करने पर गंभीरता से विचार किया जाए।
गोद लिए गांवों में चलाएं नशामुक्ति अभियान
राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों से अपने गोद लिए गांवों में नशामुक्ति अभियान चलाने का भी आह्वान किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर एक करोड़ बच्चियों को एचपीवी वैक्सीन लगाने का अभियान भी चलाया जाएगा, ताकि बेटियों के स्वास्थ्य की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।