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Gorakhpur News: प्रगतिशील किसान नवल किशोर सिंह को राज्यपाल ने किया सम्मानित

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आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में सम्मानित हुए गोरखपुर के किसान
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धान-गेहूं फसल चक्र में उन्नत तकनीक के इस्तेमाल कर आय संवर्धन के लिए मिला पुरस्कार
संवाद न्यूज एजेंसी

गोरखपुर। धान-गेहूं फसल चक्र में उन्नत तकनीक का इस्तेमाल कर आय संवर्धन के लिए गोरखपुर के प्रगतिशील किसान नवल किशोर सिंह को राज्यपाल आनंदी पटेल ने सम्मानित किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ विजेंद्र सिंह, कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख उपस्थित रहे।
बृहस्पतिवार को आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या में दीक्षांत समारोह के अवसर पर सात मंडलों के सात प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। इनमें गोरखपुर मंडल से नवल किशोर सिंह को भी राज्यपाल ने सम्मानित किया। गोरखपुर मंडल से सम्मानित होने वाले किसान नवल किशोर सिंह पिछले चार वर्षों में धान गेहूं की खेती में अभिनव प्रयोग करके उत्पादन को उच्च स्तर स्थापित किया है । नवल किशोर प्रतिवर्ष प्रति हेक्टेयर एक लाख बीस हजार रुपये की शुद्ध आमदनी धान गेहूं फसल चक्र से तथा सरसों से प्रति हेक्टेयर लगभग एक लाख की शुद्ध लाभ प्राप्त कर रहे है।
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उन्हाेंने बताया कि धान की सीधी बुवाई ड्रम सीडर द्वारा तथा सुपर सीडर द्वारा करते हैं। इससे लागत में काफी कमी आती है तथा धान की पैदावार भी अच्छी होती है। धान की कटाई करने के बाद फसल अवशेष में ही सुपर सीडर से गेहूं की बुवाई कर देते हैं। खेत में फसल अवशेष को सड़ाने के लिए वह पहले से यूरिया डाल करके सुपर सीडर से बुवाई करते हैं। इस तरीके से नवीनतम तकनीकों को अपना करके वह पूरा अवशेष खेत की मिट्टी में मिला देते हैं। इससे उनकी फसल की पैदावार अच्छी होती है।
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साथ ही वह सरसों की बुवाई एक बहुत ही उन्नत मशीन से करते हैं जिसमें पौधे से पौधे की दूरी व लाइन से लाइन की दूरी भी सरसों की मेंटेन की जाती है। इससे उनके सरसों की पैदावार भी अन्य किसानों की अपेक्षा अधिक रहती है। इस प्रकार वह मूंग की खेती मटर मसूर की खेती भी करते हैं। इस बार उन्होंने तिल की भी बुवाई किया है और उससे भी अच्छी आमदनी उन्होंने प्राप्त की है। धान के साथ-साथ गेहूं में उन्होंने मिनी स्प्रिंकलर सिस्टम भी पूरे खेत में लगाया हुआ है जिससे उनकी पानी की बहुत ही बचत हो रही है।
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