शनिवार से शुरू होगा राष्ट्रीय सेमिनार, देश भर के 400 से अधिक विशेषज्ञ होंगे शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। जूनोटिक बीमारियों की रोकथाम के लिए एम्स गोरखपुर को नोडल सेंटर बनाया गया है। इस सेंटर की तरफ से एक देश एक सेहत अभियान में एम्स की अहम भूमिका होगी। इसमें मनुष्य, पर्यावरण व पशुओं के सेहत को एक साथ दुरुस्त करने के उपाय खोजे जाएंगे। इसको लेकर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार की शुरुआत शनिवार से हो रही है। रविवार को इसके समापन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे।
इस सेमिनार का आयोजन इंडियन एसोसिएशन आफ प्रीवेंटिव एंड सोशल मेडिसिन के उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड शाखा ने मिलकर किया है। सेमिनार में देश के 400 से अधिक विशेषज्ञ शामिल होंगे। इसमें टीकाकरण, एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम, पोषण, टीबी उन्मूलन, बच्चों के लिए स्वस्थ पर्यावरण, मानसिक स्वास्थ्य, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, गैर संचारी रोग और सेहत पर पर्यावरण के प्रभाव पर चर्चा की जाएगी।
सेमिनार में एम्स गोरखपुर के अलावा एम्स दिल्ली, भोपाल, ऋषिकेश, देवघर, नागपुर, भटिंडा मेडिकल यूनिवर्सिटी सैफई, केजीएमयू, मेडिकल कालेज बरेली, जीएसवीएम कानपुर के साथ लोहिया इंस्टीट्यूट लखनऊ के विशेषज्ञ शामिल होंगे।
कोविड ने बढ़ा दी चुनौतियां
एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर ने बताया कि पशु-पक्षियों में होने वाली बीमारी अब इंसानों को भी बीमार कर रही है। मंकीपाॅक्स, एचआईवी, डेंगू, रेबीज, इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियां भी पहले जानवरों में होती थी। अब इंसान भी इससे प्रभावित है। कोविड इसका ताजा उदाहरण है। इसी के लिए वन हेल्थ योजना बनी है। सेमिनार में इसी पर मंथन किया जाएगा।