दीक्षांत समारोह में संबोधित करतीं राज्यपाल आनंदी बेन पटेल।
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बुद्ध पीजी कॉलेज में दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कुलाधिपति व राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि प्राथमिक स्तर के बच्चों के ऐसे आयोजनों में भाग लेने से बौद्धिक क्षमता बढ़ती है। बच्चे इन कार्यक्रमों के बारे में अपने साथी, विद्यालय एवं परिवार के लोगों में शेयर करते हैं।
बच्चों की प्राथमिक शिक्षा और सेहत पर जोर देते हुए कहा कि सरकार की तरफ से आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों को शिक्षा एवं स्वस्थ रहने के लिए पुष्टाहार दिया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति ख्याल किया जा रहा है। महिलाओं की पीड़ा देश आजादी के बाद से आज तक किसी ने नहीं समझा और न ही किसी को उनकी दुर्दशा दिखाई दी, लेकिन देश में जब एक गरीब प्रधानमंत्री आता है तो हर घर में महिलाओं की सम्मान के लिए शौचालय दिया जाता है।
उन्होंने बाल विवाह को रोकने में जनसहभागिता पर जोर दिया। कहा कि समाज के बुद्धिजीवियों को आगे आने की जरूरत है। राज्यपाल ने केंद्र व प्रदेश सरकार की तरफ से लड़कियों के लिए सुकन्या समृद्धि योजना और गरीबों के निशुल्क इलाज के लिए चलाई जा रही आयुष्मान भारत योजना के गोल्डेन कार्ड चिह्नित कर लोगों को लाभ पहुंचाना चाहिए।
दहेज न लेने का दिलाया संकल्प
कसया। दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति आंनदी बेन पटेल ने कहा कि भगवान बुद्ध ने भी दहेज प्रथा को रोकने के लिए काफी प्रयास किया था। समाज में चल रहे दहेज प्रथा को समाप्त करने लिए युवा पीढ़ी को ही आगे आना होगा। इसे समाप्त करने के लिए मौजूद लोगों को संकल्प दिलाया। उन्होंने संकल्प दिलाया कि हम लोग शादी में एक रुपये तक मांग नहीं करेंगे। किसी साधन की मांग नहीं करेंगे। अच्छी तरह से जिंदगी बिताएंगे। बाल विवाह में शरीक नहीं होंगे। पानी बचाएंगे। प्लास्टिक बंद करेंगे पर काफी जोर दिया।