फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पॉलिटेक्निकः 11 साल से चल रहे कोर्स पर लटकेगा ताला

विज्ञापन
विज्ञापन
पॉलिटेक्निकः 11 साल से चल रहे कोर्स पर लटकेगा ताला - द्वितीय पाली की कक्षाओं में नए सत्र से नहीं होगा कोई प्रवेश - 2009 में राजकीय पॉलिटेक्निक में शुरू हुई थी पढ़ाई अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। राजकीय पॉलिटेक्निक असुरन में एक दशक से चली रही द्वितीय पाली की कक्षाएं अब यादों में ही सिमट कर रह जाएंगी। 11 साल से चल रहे इन डिप्लोमा कोर्स का संचालन अब अगले सत्र (2020-21) से नहीं होगा। विद्यार्थियों की लगातार घट रही संख्या और शिक्षकों की कमी के चलते तीन साल पहले ही व्यवसायिक शिक्षा परिषद ने द्वितीय पाली में नए प्रवेश लेने पर रोक लगा दी थी। सत्र 2019-20 के सिविल अंतिम वर्ष के प्रशिक्षुओं के पास होने के बाद द्वितीय पाली एक इतिहास ही बन कर रह जाएगा। द्वितीय पाली की कक्षाओं का घंटा नहीं बजेगा। प्रथम पाली में पढ़ाई पूर्व की भांति ही जारी रहेगा। वर्ष 2009 में व्यवसायिक शिक्षा परिषद की ओर से प्रदेश के राजकीय और प्राइवेट पॉलिटेक्निक को दो पालियों में कक्षाएं चलाने की अनुमति दी थी। सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल आटो, कैमिकल और मैकेनिकल प्रोडक्शन के डिप्लोमा कोर्स की 60-60 सीटों पर प्रवेश के राजकीय पॉलिटेक्निक को भी मंजूरी दी थी। तब से लेकर 2014 तक तो प्रशिक्षुओं की संख्या ठीक ठाक रही, मगर उसके बाद हर गुजरते वर्ष के विद्यार्थी कम होने शुरू हो गए। धीरे धीरे सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल आटो और कैमिकल को बंद करना पड़ा। अब केवल सिविल के विद्यार्थी ही आखिर में रह गए हैं। जिनके निकलने के बाद एक दशक से चलने वाली द्वितीय पाली कक्षाएं भी इतिहास बन जाएंगी। - 6 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने हासिल किया डिप्लोमा एक दशक के अंदर हजारों की संख्या में प्रशिक्षुओं ने इस संस्थान से डिप्लोमा हासिल कर देश के कोने कोने में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। प्रथम पाली में अभी भी 1500 से अधिक प्रशिक्षु अपनी पढ़ाई को पूरा कर रहे हैं। वहां प्रवेश आगे भी जारी रहेंगे। - कोट राजकीय पॉलिटेक्निक के द्वितीय पाली में चलने वाली कक्षाओं में अब नए सत्र से पढ़ाई नहीं होगी। प्रथम पाली में प्रवेश और पढ़ाई का सिलसिला पूर्व की भांति जारी रहेगा। तीन साल पहले ही व्यवसायिक शिक्षा परिषद ने द्वितीय पाली में प्रवेश पर रोक लगा दी थी। उस समय प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाले प्रशिक्षु इस बार पढ़ाई पूरी कर लेंगे। दिनेश, प्रधानाचार्य राजकीय पॉलिटेक्निक
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें