जमाखोरी पर सरकार ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी तो 48 घंटे में दाल की कीमत में सात रुपये किलो की गिरावट आई है। व्यापारियों के अनुसार, मिलों से दाल की आवक कम होने पर बीते 15 दिनों में तेजी से भाव चढ़े थे, लेकिन दो दिन से इसमें गिरावट आई है। इसकी कीमत में और कमी आने की संभावना है।
गल्ला के थोक मंडी में अरहर दाल की कीमत 145 से 157 रुपये होने पर रसोई का बजट बिगड़ने लगा था, लेकिन अब कीमत कम होने से कुछ तसल्ली है। 15 दिन पहले अरहर दाल की कीमत 120 से 130 रुपये किलो थी, जो बढ़कर 145 से 175 रुपये हो गई थी। शनिवार को दाल की कीमत में पांच रुपये गिरावट आई थी, जबकि रविवार को पांच रुपये किलो भाव कम हो गए। रविवार को गल्ला मंडी में 140-150 रुपये किलो दाल बिकी।
व्यापारी भी नहीं समझ पा रहे थे कि आखिर दाल के भाव में तेजी से उछाल क्यों आ रहा है, लेकिन जमाखोरी पर डंडा चलते ही भाव उतरने लगा।
गल्ला मंडी के व्यापारी संजय सिंघानिया ने बताया कि मिलों से अरहर दाल की आवक कम हुई तो कीमत बढ़ गई थी। हालांकि, दो दिन से अरहर दाल की कीमत में गिरावट हो रही है और अनुमान है कि भाव और गिरेगा।
व्यापारी रमेश कसौधन ने बताया कि गल्ला मंडी में 120 से 130 रुपये अरहर दाल बिक रही थी, लेकिन इसमें लगातार बढ़ोतरी हो रही थी। अब भाव और कम होने की संभावना है।
| दाल |
कीमत |
| अरहर दाल |
140-150 रुपये किलो |
| चना दाल |
74 रुपये किलो |
| मटर दाल |
49 रुपये किलो |
| मूंगदाल |
110 रुपये किलो |
| राजमा |
110 रुपये किलो |
| काबुली चना |
85 से 148 रुपये किलो |