खरमास समाप्त होते ही बाजार में मंदी का ग्रहण भी हट गया है। बाजार में तेजी आने लगी है। जहां मांगलिक कार्यक्रमों के लिए लोग खरमास में खरीदारी करने से बचते हैं, वहींं चार दिन बाद लगन शुरू होने वाला है। इसकी तैयारी से बाजार में तेजी आ गई है।
गर्मी में इस बार अप्रैल में महज सात लगन हैं, जबकि गुरु व शुक्र अस्त होने के कारण मई-जून में एक भी लगन नहीं हैं। गर्मी में लगन कम है। इस कारण सभी श्रेणी के व्यापारियों को नुकसान भी हो रहा है। हालांकि, सात दिन के लगन में व्यापारियों ने ग्राहकों को सुविधाएं देने की तैयारी की है।
चंद दिनों के लगन के कारण व्यापारियों ने कम माल खरीदा है, ताकि लगन बीत जाने पर माल डंप न हो। सोने-चांदी, कपड़े, होटल, ऑटोमोबाइल एवं किराना व्यापारियों के अनुसार, लगन में तेजी आई है, लेकिन यह तेजी कुछ दिन बाद ही वापस चली जाएगी।
चेंबर ऑफ ट्रेडर्स के अध्यक्ष अनूप किशोर अग्रवाल ने बताया कि लगन कम होने के कारण किराना व्यापारियों ने ज्यादा सामान नहीं मंगाया है, क्योंकि माल बेकार होने तो फायदा से ज्यादा नुकसान होता है।
इलेक्ट्रिक व्यवसाई आनंद रुंगटा लगन के दौरान बाजार में तेजी आ रही है। लोग घरेलू आवश्यकता के पूरे सेट खरीदते हैं। हालांकि, लोगों को जब आवश्यकता है, तब वे खरीदारी करते हैं।
आभूषण व्यापारी शिखर अग्रवाल ने बताया कि लगन के कारण सोने-चांदी के व्यापार में तेजी आ गई है। लगन में खरीदारी जरूरी है, जबकि सोने-चांदी की कीमत लगातार बढ़ रही है। लगन में लोग दुल्हन के सेट खरीद रहे हैं।
होटल व्यापारी जीवन चौधरी ने बताया कि लगन कम होने से होटल व रेस्टाेरेंट पर खराब असर पड़ा है। सात दिन ही लगन है। कम लगन में ज्यादा शादियां होंगी तो इस दौरान ज्यादा तेजी रहेगी, लेकिन फिर बाजार मंद हो जाएगा।
शिव मोटर्स के निदेशक विशाल जायसवाल ने बताया कि नवरात्र में खरमास बीता है। कुछ लोग नवरात्र में नई बाइक खरीदना चाहते हैं, लेकिन खरमास में खरीदारी से बचते हैं। अब लगन भी है तो बुकिंग और बिक्री अचानक बढ़ गई है।
ड्रेस लैंड शोरूम के निदेशक आकाश अग्रवाल ने बताया कि लगन के कारण कपड़े के बाजार में तेजी आई है। हालांकि, कम दिन लगन होने के कारण व्यापारियों ने उसी के अनुसार तैयारी की है। इसमें लाभ की अपेक्षा ग्राहकों की सुविधा पर ध्यान दिया जा रहा है।