विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने इस योजना की शुरुआत साल 1999 में की थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देशभर में विज्ञान के क्षेत्र में छुपी प्रतिभा को बाहर लाना है, जिससे देश का और छात्रों के आने वाले भविष्य को संवारा जा सके। राष्ट्रीय स्तर पर छात्रों के चयन के लिए इस योजना के तहत उच्च-स्तरीय प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया जाता है। जिसे आमतौर पर दो-चरणों में आयोजित किया जाता है। पहले चरण में ऑनलाइन एप्टिट्यूड टेस्ट और दूसरे चरण में साक्षात्कार होता है।
क्या है पात्रता
केवीपीवाई फेलोशिप में भाग लेने के लिए छात्रों को दसवीं में विज्ञान और गणित विषय में 75 प्रतिशत अंक पाना जरूरी है। इसके साथ ही अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों को 10 प्रतिशत की छूट दी जाती है। वहीं स्नातक प्रथम वर्ष के छात्रों को 12वीं में 60 प्रतिशत अंक लाना आवश्यक है। वहीं अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग को 10 प्रतिशत की छूट के साथ 50 प्रतिशत अंक लाना आवश्यक है।
आरपीएम एकेडमी के श्रेष्ठ जायसवाल को ऑल इंडिया 79वीं रैंक
किशोर विज्ञान प्रोत्साहन योजना के तहत वर्ष-2020 की परीक्षा में आरपीएम एकेडमी ग्रीन सिटी के छात्र श्रेष्ठ जायसवाल को ऑल इंडिया 79वीं रैंक मिली है। बारहवीं के छात्र श्रेष्ठ का सपना आगे चलकर वैज्ञानिक बनने का है। ग्रीन सिटी में डॉक्टर माता-पिता डॉ. संजय कुमार जायसवाल और डॉ. उपमा जायसवाल के साथ रहने वाले श्रेष्ठ ने फरवरी ने जेईई मेन में 99 परसेंटाइल हासिल किया। बचपन से पढ़ाई में मेधावी श्रेष्ठ ने इंडियन ओलंपियाड क्वालिफायर की बाधा को भी पार किया है।
अमर उजाला संवाददाता से बातचीत में श्रेष्ठ ने बताया कि किशोर विज्ञान प्रोत्साहन योजना के बारे में स्कूल के अध्यापकों से पता चला था। उसके बाद इसके लिए तैयारी शुरू कर दी थी। ज्यादा से ज्यादा रिवीजन का उन्हें फायदा मिला। श्रेष्ठ ने बताया कि विज्ञान में उनकी जान बसती है। इसलिए बारहवीं में मैथ के साथ बॉयोलॉजी की भी पढ़ाई कर रहे हैं। जो अमूमन शायद ही कोई छात्र करता है।
श्रेष्ठ ने बताया स्नातक प्रथम वर्ष में दाखिला देते हुए, उन्हें फेलोशिप का लाभ मिलने लगेगा। आरपीएम ग्रुप ऑफ स्कूल्स के डायरेक्टर अजय शाही ने बताया कि विज्ञान में रुचि रखने वाले सभी विद्यार्थियों को इस फेलोशिप के बारे में बताया जाता है। साथ ही जब ऑनलाइन आवेदन शुरू होता है तो बच्चों को रजिस्ट्रेशन कराने के लिए प्रेरित किया जाता है। विद्यालय के छात्र ने ऑल इंडिया रैंक हासिल कर पूरे देश में विद्यालय का नाम रोशन किया है। हालात सामान्य होने पर छात्र को स्कूल की ओर से सम्मानित किया जाएगा।