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यहां मीटिंग से कतरा रहे हैं अफसर, कर्मचारियों को सता रही इस बात की चिंता, ये है बड़ी वजह

Thu, 23 Jul 2020 09:01 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

  • कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या से सरकारी कर्मचारियों-अफसरों में भी दहशत
  • दो बार कलेक्ट्रेट, गीडा और तीन बार सदर तहसील कार्यालय हो चुका है सील
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फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच दफ्तरों में काम करने को मजबूर कर्मचारियों और अफसरों का हौसला अब डगमगाने लगा है। कर्मचारी जहां दफ्तर आने से कतरा रहे हैं, वहीं अफसर मीटिंग में जाने से।

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कई दफ्तरों में तो कर्मचारी दस्तखत बनाकर कैंपस के बाहर निकल जा रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर कई अफसरों का कहना है कि मीटिंग या तो ऑनलाइन हो या बड़ी और खुली जगह पर। ज्यादातर दफ्तरों के मीटिंग हॉल छोटे हैं। सेंट्रल एसी है, ऐसे में संक्रमण का खतरा ज्यादा है।
 
दफ्तर के कर्मचारी संक्रमित पाए जाने पर जीडीए, विकास भवन, रजिस्ट्री विभाग के कई अफसर एहतियातन डाक या कोई भी शिकायती पत्र अपनी मेज से दूर केबिन के एक कोने में रखवा रहे हैं। 24 घंटे बीतने पर उसे हाथ लगा रहे हैं।
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सरकारी दफ्तरों में संक्रमण के पैर पसारने की वजह से अब तक कलेक्ट्रेट और गीडा दो बार तो सदर तहसील तीन बार दो-दो दिन के लिए सील हो चुका है। कमिश्नरी, जीडीए और विकास भवन के सभी दफ्तर भी एक-एक बार सील हो चुके हैं। मंगलवार को कमिश्नर के पीए की कोरोना संक्रमण से मौत के बाद कर्मचारी और भयभीत हो गए हैं।

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