उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में मेधावियों और महापुरुषों के नाम पर सड़कों का नामकरण करने का आदेश फाइलों में सिमटकर रह गया है। लोगों की पुरजोर मांग और नवंबर में हुई नगर पालिका परिषद की बोर्ड की बैठक में उठने के बाद भी इस मुद्दे पर कोई प्रगति नहीं हो सकी। उधर, पीडब्लूडी ने चार सड़कों का नामकरण करने की तैयारी तो कर ली है, लेकिन सड़कों का निर्माण कार्य अधर में ही लटका पड़ा है।
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प्रदेश सरकार ने जुलाई में यूपी बोर्ड के मेधावियों के नाम पर सड़कों का नामकरण करने का फैसला किया था। इसके बाद लोक निर्माण विभाग और नगर पालिका ने सड़कों के निर्माण और नामकरण की तैयारी शुरू तो की, लेकिन मामला कागज तक ही सिमटकर रह गया।
नगर पालिका बोर्ड की 24 नवंबर को हुई बैठक में जब एक सभासद ने उमानगर के एक मेधावी के नाम पर सड़क के निर्माण के प्रस्ताव का मुद्दा उठाया तो अधिकारियों को शासन का निर्देश याद आया। अब जाकर पालिका के अधिकारी और कर्मचारी सड़कों के नामकरण की पत्रावलियों की जांच में जुट गए हैं। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार का कहना है कि चार सड़कों का नामकरण होना है। इनका निर्माण कार्य चल रहा है।
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चार से पांच सड़कों का ही हुआ है नामकरण
नगर पालिका क्षेत्र में वैसे तो 600 से अधिक सड़कें हैं, लेकिन इनमें तकरीबन 30 से 35 ऐसी हैं जो चार से पांच मीटर से अधिक चौड़ी हैं। इनमें भी चार से पांच ही ऐसी सड़कें हैं, जिनका नामकरण महापुरुषों के नाम पर हुआ है। इनमें मोतीलाल रोड, मालवीय रोड, सुभाष चौक आदि शामिल हैं। इनमें सीसी रोड का नामकरण अटल विहारी वाजपेयी के नाम से करने का प्रस्ताव भी आ चुका है।
सड़कों के नामकरण की उठ चुकी है मांग
शहर की कई ऐसी सड़कें हैं, जिनका नामकरण महापुरुषों एवं मेधावियों के नाम पर होना चाहिए। जिन सड़कों के नामकरण की मांग उठ चुकी है उनमें सीसी रोड पूर्व एमएलसी स्व. परशुराम मणि त्रिपाठी के नाम पर, भुजौनी कॉलोनी जाने वाली सड़क एवं चौक का नाम शिक्षाविद् एवं पूर्व एमएलसी परशुराम मणि के नाम पर, रामनाथ-देवरिया मार्ग शहीद हरेकृष्ण मणि के नाम पर, सिंधी मिल कॉलोनी मार्ग पूर्व सांसद स्व. मोहन सिंह के नाम पर, सीसी रोड का नामकरण पूर्व पीएम अटल विहारी वाजपेयी के नाम पर करना शामिल है।
नगर पालिका अध्यक्ष अलका सिंह के पति समाजसेवी स्व. मनोज सिंह के नाम पर प्रेक्षागृह का नाम करने का प्रस्ताव भी बोर्ड की बैठक में आ चुका है। इसके अलावा कसया रोड, राघवनगर, सरस्वती विद्या मंदिर रोड, कोतवाली रोड, भीखमपुर रोड, खरजरवा मार्ग, भुजौली कॉलोनी रोड, साकेतनगर मार्ग, भटवलियां रोड, देवरिया रामनाथ रोड, कचहरी से जलकल रोड, न्यू कॉलोनी रोड सहित कई ऐसी सड़कें हैं, जिनके नामकरण पर फैसला नहीं हो सका।
नगर पालिका क्षेत्र में किसी भी सड़क एवं सभागार का नामकरण करने के लिए जरूरी है कि बोर्ड की बैठक में यह प्रस्ताव कोई सभासद या अन्य सदस्य ले आए। सहमति के बाद पत्रावली कमिश्नर को मंजूरी के लिए भेजी जाती है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद नामकरण कर दिया जाता है। लोक निर्माण विभाग की सड़कों का नामकरण शासन स्तर पर होता है। यह अलग बात है कि टाउनहाल में नगर पालिका बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पास होने एवं मंजूरी मिलने के बाद भी सभागार का नामकरण पूर्व पीएम अटल विहारी वाजपेयी के नाम पर नहीं किया जा सका।
नामकरण के बावजूद नहीं लग सका बोर्ड
पुरवां गांव निवासी अंतरराष्ट्रीय पहलवान रामाश्रय यादव को वर्ष 1994 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने 'यश भारती' सम्मान से अलंकृत किया। उनके नाम पर कोआपरेटिव चौराहे से हनुमान मंदिर जाने वाली सड़क का नामकरण किया गया। यह नगर पालिका बोर्ड में पास भी हो गया, बावजूद इसके उनका नाम कहीं नहीं लिखवाया गया है। रामाश्रय यादव का कहना है कि इस मार्ग पर शुरू में बोर्ड तो लगाया गया, लेकिन बाद में ये हट गया। इसके बाद नगर पालिका ने इसकी सुधि नहीं ली, जबकि कई बार उन्हें इस बारे में बताया जा चुका है।
नगर पालिका परिषद अध्यक्ष अलका सिंह ने बताया कि सड़कों का नामकरण मेधावियों के नाम पर करने का शासन का पत्र प्राप्त हुआ है। लोक निर्माण विभाग को उमानगर में सड़क का निर्माण कराना है। बोर्ड की बैठक में जब एक सभासद ने यह मामला उठाया तो इसपर जिक्र भी हुआ था। सड़कों की सूची तैयार कराई जा रही है। इसके बाद नामकरण का प्रस्ताव बोर्ड की बैठक में लाया जाएगा।