होटल और नर्सिंग होम पर ही नहीं, सरकारी महकमों पर भी नगर निगम का भी काफी टैक्स बकाया है। यह बकाया बढ़कर 188 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। इनमें से सिर्फ सरकारी विभाग के भवनों पर ही 65 करोड़ रुपये बकाया है। कर विभाग की समीक्षा के दौरान मेयर डॉ. सीताराम जायसवाल ने इस स्थिति पर काफी नाराजगी जताई। साथ ही कर निरीक्षकों का लक्ष्य दोगुना करने का निर्देश दिया।
बुधवार को मेयर ने सभी चारों जोन से संबंधित कर विभाग के गृहकर, जलकर एवं सीवर कर की समीक्षा की। इस दौरान बताया गया कि डिमांड 188 करोड़ में 65 करोड़ सिर्फ सरकारी भवनों पर बकाया है। मेयर ने अधिकारियों को सभी बड़े बकाएदारों को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। बकाया अदा नहीं करने पर कुर्की, तालाबंदी करने के साथ बैंक खाता सीज करने की कार्रवाई का भी निर्देश दिया। साथ ही सभी कर अधीक्षकों का वसूली का लक्ष्य दोगुना करने का निर्देश देते हुए कहा कि जो भी इस लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाता है तो उनका निलंबन करने के साथ वेतन कटौती किया जाए। साथ ही लक्ष्य हासिल करने वाले कर निरीक्षकों को पुरस्कृत भी करें।