रेडीमेड गारमेंट को ओडीओपी योजना के तहत गोरखपुर के दूसरे उत्पाद के रूप में मंजूर तो कर लिया गया, लेकिन इसके बाद की कार्रवाई ठहर गई है। अब तक उद्योग विभाग के पास इस उद्योग से जुड़े लोगों के संबंध में कोई डाटा ही नहीं है।
विभाग के पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि गोरखपुर के औद्योगिक क्षेत्रों के अलावा आसपास के इलाकों में कितने लोग इस उत्पाद से जुड़े हुए हैं। ऐसे में उद्यमियों को सरकार की योजना का लाभ सही ढंग पहुंच पाएगा, इस पर सवाल उठने लगा है।
उधर, जिन दो विभागों के पास गोरखपुर को रेडीमेड गारमेंट का हब बनाने की जिम्मेदारी है, उनके शीर्ष अधिकारियों का हाल में तबादला भी हो गया है। सरकार द्वारा रेडीमेड गारमेंट को एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) के तहत दूसरे उत्पाद के रूप में मंजूरी मिलने के बाद उपायुक्त उद्योग राजकुमार शर्मा ने रेडीमेड गारमेंट उद्योग को स्थापित कराने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए थे।
वहीं गीडा के सीईओ संजीव रंजन ने इन उद्योगों के लिए जमीन उपलब्ध कराने के लिए पूरी योजना तैयार कर ली थी। ऐसे में नवागत गीडा सीईओ पवन अग्रवाल और उपायुक्त उद्योग रवि कुमार शर्मा के सामने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस महत्वाकांक्षी योजना को रफ्तार देने की चुनौती होगी।
स्वीकृत ऋण पर सब्सिडी के लिए लंबा इंतजार
कई लोगों ने रेडीमेड गारमेंट के लिए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना (पीएमईजीपी) के अंतर्गत ऋण के लिए आवेदन किया था। इनमें से कई को लोन स्वीकृति के बाद बैंकों की ओर से ऋण की राशि जारी कर दी गई, लेकिन अब तक लाभार्थी को इसकी सब्सिडी नहीं मिल सकी है। जबकि पीएमईजीपी पोर्टल पर ट्रेनिंग एप है। अगर कोई लाभार्थी ऑनलाइन ट्रेनिंग नहीं ले पाता है, तो ट्रेनिंग देने की जिम्मेदारी विभाग की होती है, लेकिन अब तक ऐसा कुछ नहीं हो पाया था। अब जल्द ही इसके लिए विभाग के कर्मचारियों की ट्रेनिंग की बात हो रही है।
उपायुक्त उद्योग रवि कुमार शर्मा ने कहा कि रेडीमेड गारमेंट के कारोबारियों का डाटा बैंक तैयार किया जा रहा है। इसके बाद एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) के रूप में चयनित रेडीमेड गारमेंट के उत्पादकों का चेन बनाकर सरकार की इस योजना को और गति देने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। अप्रैल से यह योजना पूरी तरह से गति पकड़ लेगी। अभी हाल में ओडीओपी योजना के तहत रेडीमेड गारमेंट के तहत न सिर्फ 80 लाख रुपये का लोन दिलाया गया, बल्कि सब्सिडी भी उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
गीडा सीईओ पवन अग्रवाल ने कहा कि पहले के गीडा सीईओ से ओडीओपी योजना के तहत रेडीमेड गारमेंट के संबंध में कुछ जानकारियां मिली हैं। हालांकि अभी काफी कुछ समझना है। एक-दो दिन में सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरी तरह से समझ कर तीव्र गति से आगे बढ़ा जाएगा।
मार्च से गारमेंट पार्क एलॉटमेंट की सीएम से करेंगे मांग
चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेगा। चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल ने बताया कि इस दौरान मुख्यमंत्री से रेडीमेड गारमेंट के लिए जल्द से जल्द भूमि आवंटित कराने की मांग करेंगे। अब तक 175 उद्यमियों ने रेडीमेड गारमेंट संबंधी उद्योग स्थापित करने के लिए सहमति जताई है। इसमें पांच हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा।