कुशीनगर में आर्केस्ट्रा डांसरों के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले के आरोपी है आर्थक सिंह
डीडीयू के छात्रावास में मारपीट के बाद आर्थक के पास से .32 बोर का मिला था कारतूस
कैंट थाने में आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज हुआ था केस, दरोगा ने लगा दी थी एफआर
गोरखपुर। कुशीनगर में नर्तकियों के साथ सामूहिक मामले में आरोपी आर्थक प्रताप सिंह के खिलाफ कैंट थाने में दर्ज आर्म्स एक्ट का केस अब दोबारा खुलेगा। मामले में एफआर (अंतिम रिपोर्ट) लगाने वाले दरोगा भी अब जांच के घेरे में आ गए हैं। एसपी सिटी अभिनव त्यागी की जांच रिपोर्ट में सामने आया कि दरोगा ने विवेचना में लापरवाही बरती है। एसपी सिटी ने केस की फिर से विवेचना करने और दरोगा को दोषी बताते हुए एसएसपी को रिपोर्ट भेज दी है।
कुशीनगर में नर्तकियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले के आर्थक सिंह का नाम सामने आया था। इसके बाद पुलिस ने शिकंजा कसने के लिए उसकी पुरानी फाइलों की जांच नए सिरे से शुरू कर दी। कैंट थाने में दर्ज आर्म्स एक्ट के एक केस में एफआर लग गई थी। तत्कालीन एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने इसकी फाइल दोबारा खुलवा दी थी। जब पुलिस ने उसका पुराना रिकार्ड खंगाला तो गोरखपुर में दर्ज आर्म्स एक्ट का केस और उस पर एफआर की जानकारी सामने आई। उन्होंने एसपी सिटी अभिनव त्यागी को जांच सौंपी थी। एसपी सिटी की जांच में यह सामने आया कि एफआर गलत तरीके से लगाई गई। तलाशी में कारतूस मिलने की पुष्टि के बावजूद, चालान की फर्द से उसे गायब कर दिया गया। विवेचक की इस भूमिका को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। अब एफआर लगाने वाले दरोगा की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
तीन साल बाद दोबारा खुलेगा केस
पांच सितंबर 2022 को गोरखपुर विश्वविद्यालय के आरपी शुक्ल छात्रावास में मारपीट के बाद आर्थक प्रताप सिंह व उसके साथियों को कैंट पुलिस ने पकड़ा था। तलाशी में आर्थक की जेब से .32 बोर का कारतूस मिला था, जिसे आधार बनाकर पुलिस ने आर्म्स एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया। अगले ही दिन पुलिस ने उसे शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया, चालान पत्र में कारतूस का जिक्र नहीं था। इसी दस्तावेज के आधार पर आर्म्स एक्ट के केस की विवेचना कर रहे दारोगा ने एफआर (अंतिम रिपोर्ट) लगा दी। इससे आर्थक कानूनी शिकंजे से बाहर हो गया। अब करीब तीन साल बाद यह केस दोबारा खुलेगा।
आठ सितंबर 2024 को नर्तकियों के साथ हुआ था दुष्कर्म
कुशीनगर के रामकोला थाना क्षेत्र के एक चौराहे पर स्थित मकान में घुसकर आठ सितंबर 2024 की देर रात दो लग्जरी वहनों से आए मनबढ़ों ने असलहे के बल पर आर्केस्ट्रा में काम करने वाली दो नर्तकियों को अगवा कर लिया। इसके बाद रास्ते भर फायरिंग करते हुए नर्तकियों को कप्तानगंज क्षेत्र के सोहनी गांव ले गए और वहां सामूहिक दुष्कर्म किया। लोगों की सूचना पर पीछा करते हुए पुलिस मौके पर पहुंच गई और नर्तकियों को छुड़ाकर छह आरोपियों को दबोच लिया था। उस मामले में भी आर्थक प्रताप का भी नाम आया था। नर्तकियां बंगाल की रहने वाली थीं, जो घटना के बाद अपने घर चली गईं।
वर्जन
कुशीनगर नर्तकी दुष्कर्म मामले में आरोपी आर्थक सिंह पर पहले दर्ज आर्म्स एक्ट के मुकदमे की जांच करने वाले दरोगा ने लापरवाही की थी, जिससे उसे मामले में छूट मिल गई थी। प्रकरण की जांच के बाद इसकी रिपोर्ट एसएसपी को भेजी गई है। अब मामले की दुबारा जांच होगी।
अभिनव त्यागी, एसपी सिटी