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विजयादशमी पर धूमधाम से निकलेगी गोरक्षपीठाधीश्वर की शोभायात्रा

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विजयादशमी पर धूमधाम से निकलेगी गोरक्षपीठाधीश्वर की शोभायात्रा
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गोरखपुर। विजयादशमी के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर से गोरक्षपीठाधीश्वर की शोभायात्रा धूमधाम से निकाली जाएगी। रामलीला मैदान में प्रभु श्रीराम का राजतिलक करने के साथ ही सभी कार्यक्रम परंपरागत तरीके से संपन्न होंगे।
विजयदशमी पर हर साल गोरखनाथ मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है। इस बार भी शोभायात्रा का आयोजन हो रहा है। सायंकाल पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ गुरु गोरक्षनाथ का आशीर्वाद लेकर शोभायात्रा के लिए सजे वाहन पर सवार होंगे। तुरही, नगाड़े व बैंड बाजे की धुन के बीच गोरक्ष पीठाधीश्वर की शोभायात्रा मानसरोवर मंदिर पहुंचेगी।
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गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ यहां देवाधिदेव महादेव की पूजा करेंगे। इसके बाद उनकी शोभायात्रा मानसरोवर रामलीला मैदान पहुंचेगी। यहां चल रही रामलीला में वह प्रभु श्रीराम का राजतिलक करेंगे। इसके साथ ही प्रभु श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण व हनुमानजी का पूजन कर आरती भी उतारी जाएगी। इसके अलावा विजयादशमी के दिन गोरखनाथ मंदिर में होने वाले पारंपरिक तिलकोत्सव कार्यक्रम में गोरक्षपीठाधीश्वर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद भी देंगे। विजयादशमी की शाम को गोरखनाथ मंदिर में परंपरागत भोज का भी आयोजन होगा जिसमें सर्वसमाज के लोग शामिल होंगे।
दंडाधिकारी की भूमिका में होंगे गोरक्षपीठाधीश्वर
गोरक्षपीठ में विजयादशमी का दिन एक और मायने में भी खास होता है। इस दिन यहां संतों की अदालत लगती है। इसमें दंडाधिकारी की भूमिका में होते हैं गोरक्षपीठाधीश्वर। नाथपंथ की परम्परा के अनुसार हर वर्ष विजयादशमी के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में पीठाधीश्वर द्वारा संतों के विवादों का निस्तारण किया जाता है। मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ नाथपंथ की शीर्ष संस्था अखिल भारतवर्षीय अवधूत भेष बारह पंथ योगी महासभा के अध्यक्ष भी हैं। इसी पद पर वह दंडाधिकारी की भूमिका में होते हैं। गोरखनाथ मंदिर में विजयादशमी को पात्र पूजा का कार्यक्रम होता है। इसमें गोरक्षपीठाधीश्वर संतो के आपसी विवाद सुलझाते हैं। विवादों के निस्तारण से पूर्व संतजन पात्र देव के रूप में योगी आदित्यनाथ का पूजन करते हैं। पात्र देवता के सामने सुनवाई में कोई भी झूठ नहीं बोलता है। पात्र पूजा संत समाज में अनुशासन के लिए भी जाना जाता है।
अष्टमी को महानिशा पूजा, नवमी को कन्या पूजन करेंगे सीएम
नवरात्रि के प्रथम दिन गोरखनाथ मंदिर के मठ के प्रथम तल पर स्थित शक्ति मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कलश स्थापना की। अष्टमी की रात यहीं पर आदिशक्ति की आराधना कर महानिशा पूजन करेंगे। नाथ संप्रदाय की परंपरा के अनुसार अष्टमी की रात में सात्विक बलि देकर विशेष हवन किया जाता है। नवमी तिथि को सीएम योगी नौ दुर्गा स्वरूपा नौ कन्याओं के पांव पखारेंगे, उनका विधि विधान से पूजन करेंगे। पूरी श्रद्धा से भोजन कराकर दक्षिणा व उपहार देकर उनका आशीर्वाद भी लेंगे। इस दौरान परंपरा के अनुसार बटुक पूजन भी किया जाएगा।
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सामाजिक समरसता की मिसाल है शोभायात्रा
गोरखपुर। विजय दशमी के अवसर पर गोरक्ष पीठ से निकलने वाली शोभायात्रा सामाजिक समरसता का प्रतीक है। इस शोभा यात्रा में हर वर्ग के लोग शामिल होते हैं। अल्पसंख्यक समुदाय के लोग भी इस शोभा यात्रा का स्वागत करते हैं। गोरखनाथ मंदिर परिसर में अल्पसंख्यक समुदाय के भी दुकानदार बहुतायत में हैं। सांसद के रूप में योगी आदित्यनाथ जब हर रोज सुबह फरियादियों की समस्याओं का समाधान कराते थे तो उसमें सर्वाधिक संख्या अल्पसंख्यक समुदाय के पुरुष-महिलाओं की होती थी। आज भी सीएम का जनता दर्शन कार्यक्रम होता है तो भी उसमें हर वर्ग के लोग शामिल होते हैं।
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