जनता के लिए भी खोली जाएगी गोरक्षनाथ शोधपीठ की लाइब्रेरी
-गोविवि की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने लाइब्रेरी को सुदृढ़ करने के दिए निर्देश
-शोधपीठ के लिए मंगवाई गईं 1500 किताबें
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। नाथ संप्रदाय के इतिहास और जानकारी के लिए अब विद्यार्थियों और आमजन को भटकना नहीं पड़ेगा। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की गोरक्षनाथ शोधपीठ की लाइब्रेरी को सुदृढ़ कर आमजन के लिए भी खोला जाएगा। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। लाइब्रेरी को सुदृढ़ करने के साथ प्रथम चरण में 1500 किताबों को मंगवाया गया है। इसके साथ ही शोधपीठ की गैलरी को भी आकर्षक और सुंदर बनाया जाएगा।
गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन तीन दिन पहले महाराणा प्रताप परिसर स्थित गोरक्षनाथ शोधपीठ का निरीक्षण करने पहुंचीं थीं। उन्होंने निरीक्षण के बाद बैठक कर शोधपीठ में चल रहे कार्यों की प्रगति और लाइब्रेरी की जानकारी ली। अब शोधपीठ की लाइब्रेरी को विद्यार्थियों के साथ ही आमजन के लिए भी खोलने का निर्णय लिया गया है।
इसके लिए कुलपति ने लाइब्रेरी में नाथपंथ से जुड़ीं किताबों को प्राथमिकता के आधार पर मंगवाने के निर्देश दिए। प्रथम चरण में करीब 1500 किताबें आ गई हैं। शेष किताबों को मंगवाने के लिए लिस्ट तैयार की जा रही है। इसके अलावा देश-विदेश में नाथ संप्रदाय से संबंधित हुए शोध और पुस्तकों की सूची तैयार की जा रही है।
शोधपीठ की गैलरी को बनाया जाएगा आकर्षक
गोरक्षनाथ शोधपीठ भवन के प्रथम तल पर लाइब्रेरी बनाई जाएगी। इसके लिए गैलरी को आकर्षक और सुंदर बनाया जाएगा। शोधपीठ में प्रवेश करते ही नाथपंथ से जुड़े धर्म गुरुओं की प्रतिमा के साथ गैलरी को श्लोगन एवं चित्र के माध्यम से सुंदर बनाया जाएगा। कुलपति के आदेश के बाद शोधपीठ से जुड़े जिम्मेदार तैयारी में जुट गए हैं।
कोट...
गोरक्षनाथ शोधपीठ की लाइब्रेरी को सुदृढ़ किया जाएगा। लाइब्रेरी में प्राथमिकता के आधार पर नाथपंथ से जुड़ीं किताबों को रखा जाएगा। ताकि विद्यार्थियों और आमजन को नाथपंथ से जुड़ी जानकारी आसानी से प्राप्त हो सके। इसके अलावा शोधपीठ की गैलरी को भी आकर्षक और सुंदर बनाया जाएगा।
-प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, गोविवि