आईपीएस और सीबीआई अफसर बनकर की बात, दो दिन तक दंपति को डिजिटल अरेस्ट रखा
बेतियाहाता इलाके की सेवानिवृत शिक्षिका और खाद कारखाना के रिटायर्ड अफसर बने जालसाजों के शिकार
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। बेतियाहाता में एक बुजुर्ग दंपती को जालसाजों ने डिजिटल अरेस्ट करके 32.66 लाख रुपए हड़प लिए। जालसाजों ने दंपती को इतना डरा दिया था कि वे न चाहते हुए भी दो दिन तक लगातार मोबाइल कैमरे की जद में रहे।
पीड़ित महिला ने बताया कि उनके दो बच्चों में एक बंगलूरू में काम करता है, जबकि दूसरा घर पर ही रहता है। महिला ने कहा कि जालसाजों के कहने पर 32.66 लाख रुपये का चेक उसके बताए खाते में जमा करने के बाद उनकी बंगलूरू में रहने वाले बेटे से बात हुई और उन्होंने सारी बात बताई। जब बेटे ने ये पूछा कि क्या आपलोगों ने कभी कोई क्राइम किया है? उसके इस सवाल पर जब हम सोचने लगे, तब उन्हें अहसास हुआ कि वे ठगी का शिकार हो चुके हैं। उसके बास उन्होंने साइबर थाने में केस दर्ज कराया।
महिला ने बताई आपबीती
पीड़ित महिला ने अमर उजाला से बात करते हुए कहा कि कभी सोचा नहीं था कि उनके साथ कभी ऐसा कुछ होगा। कॉल करने वालों ने इतना डरा दिया था कि वे दो दिन तक पूरे समय मोबाइल का कैमरा ऑन कर रहे। जालसाज ने डांटते हुए बोला था कि दोनों लोग एक ही कमरे में निगरानी में ही सोएंगे। रातभर कैमरा ऑन करके हम लोग सोए। दूसरे दिन जब पति बैंक जा रहे थे, तब जालसाजों ने बोला कि आपके घर के आस-पास 28 लोग सादी वर्दी में खड़े हैं, जो लगातार आपलोगाें को वाॅच कर रहे हैं, इसलिए कोई चालाकी नहीं करना। इसके बाद मेरे पति कैमरा ऑन करके बैंक तक पैदल गए।
याद रखें...सीबीआई-पुलिस कॉल करके कभी रुपये नहीं मांगती
एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल ने बताया कि जालसाज मनोवैज्ञानिक दबाव बनाकर जालसाजी कर रहे हैं। डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई प्रावधान नहीं है। अनजान कॉल से बचना चाहिए। ऐसी कॉल अगर उठा रहे हैं, कोई इस तरह की धमकी दे रहा है तो, सबसे पहले 1930 और अन्य पुलिस की हेल्पलाइन पर शिकायत जरूर करें। कभी भी सीबीआई या पुलिस कॉल करके रुपये न मांगती है और न ही जमा करने के लिए कहती है। किसी भी जांच में पूछताछ पुलिस वर्दी में घर जाकर करती है। फोटो वीडियो में देखकर विश्वास न करें।
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पहले भी सामने आ चुके हैं मामले
- 10 अक्तूबर 2024: इंजीनियरिंग कॉलेज की छात्रा को डिजिटल अरेस्ट कर 34 हजार रुपये हड़प लिए, उसका अश्लील वीडियो भी बनाया।
- 13 मई 2024: सिविल लाइंस इलाके में एक स्कूल की प्रिंसिपल को डिजिटल अरेस्ट कर 12.56 लाख रुपये हड़प लिए।
- 31 जुलाई 2024: शाहपुर के एक सेवानिवृत व्यक्ति को 33 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा
- 15 जनवरी 2024: सिविल लाइंस में रहने वाले एक कंपनी के मैनेजर को 48 घंटे डिजिटल अरेस्ट कर 14.96 लाख रुपये हड़पे
एक मामले में केवल चार हजार रुपये वापस आए
ये बता दें कि डिजिटल अरेस्ट के मामले कई आ चुके हैं, लेकिन केवल इंजीनियरिंग कॉलेज की छात्रा के एक मामले में पुलिस ने चार हजार रुपये वापस दिलाए हैं, बाकी में कुछ पता नहीं चल पाया।