निर्माणीधीन चिड़ियाघर के हाईटेंशन लाइन को शिप्ट किए जाने के मामले में लगातार देरी होते जा रही है। निविदा की तारीख को एक हफ्ते और आगे बढ़ दिया गया है। इसमें दो ठेकेदारों ने ही भाग लिया था। निविदा के बाद ही तय होगा कि किस फर्म को काम करना है। परिसर का निर्माण कार्य कर रही कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम ने इस संबंध में बिजली निगम को 3 करोड़ रुपये का इस्टीमेंट भी सौंप दिया था।
चिड़ियाघर की लाइन को बनाने की कई योजनाएं बनाई गई थी। लॉकडाउन के पहले कमिश्नर की बैठक में हाईटेंशन लाइन को हटाए जाने की वजह ऊंचा किए जाने का फैसला लिया गया। इसके तहत दो मोनो पोल के माध्यम से हाईटेंशन लाइन को 20 मीटर ऊंचा किया जाएगा।
दरअसल, लाइन शिफ्टिंग के लिए 19 मार्च को प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में वन, निर्माण निगम, बिजली निगम ट्रांसमिशन के अधिकारियों संग बैठक हुई थी। इसके बाद काम को शुरू किए जाने के लिए राजकीय निर्माण निगम की तरफ से ऊर्जा निगम के इस्टीमेंट के आधार पर 3.58 करोड़ रुपये बिजली निगम को दिए गए थे।
उस वक्त निगम के एक ठेकेदार ने ही ऑनलाइन ई टेंडरिंग में भाग लिया था। कुछ दिनों पहले निकली निविदा में में एक और फर्म ने भाग लिया। शेष फर्मों ने इसपर कुछ और समय की मांग की। ट्रांसमिशन ने एक हफ्ते बाद टेंडरिंग की तारीख निकाली है।
मुख्य अभियंता वितरण पीएन उपाध्याय ने बताया कि लॉकडाउन अब खत्म हो गया है। धीरे धीरे इस काम को भी शुरू कराया जाएगा। 15 जून के पास इसकी निविदा निकाली जाएगी। जिस फर्मे को काम आवंटित होगा उसे समय के अदर ही समाप्त कराना होगा।