गोरखपुर में महिलाओं पर हमला करने वाले साइको किलर अजय निषाद को बंदीरक्षकों की निगरानी में रखा गया है। आरोपी जेल के 16 नंबर बैरक में है, अजय दो साल पहले बच्चा बैरक में बंद था।
गोरखपुर में महिलाओं पर हमला करने का आरोपी अजय निषाद रविवार को रातभर जेल में सो नहीं सका। वह बार-बार अंगड़ाई लेता रहा। साथ के बंदियों ने पूछा तो झूठ बताया-मैथ, साइंस और इतिहास विषय से इंटर की पढ़ाई कर रहा हूं। रात में घूमकर पढ़ाई की आदत है, इसलिए नींद नहीं आ रही है..।
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चार महिलाओं पर हमले के आरोपी अजय निषाद को लेकर जेल में तमाम चर्चाएं सामने आई हैं। कई और झूठ उसने जेल में पूछताछ के दौरान पहले दिन बताए, जिसपर बंदीरक्षक हंस भी रहे थे।
चर्चा कर रहे थे कि बहुत ही शातिर है। इस तरह बातें करके खुद को भोलाभाला दिखाने का प्रयास कर रहा है। झंगहा इलाके के राजधानी गांव के रहने वाले अजय निषाद (20) को जेल के बैरक नंबर 16 में रखा गया है।
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मां बोली-बहुत जल्द छुड़ा लेंगे
सोमवार को आरोपी की मां और भाई, अजय से मिलने पहुंचे। सूत्रों के अनुसार, मां ने अजय से कहा है कि बहुत जल्द उसे जेल से छुड़ा लिया जाएगा। पिता जमानत के लिए जुट गए हैं। अजय रविवार को जेल गया, दूसरे दिन भी वह उसी काली शर्ट में दिखा।
परिवार के लोग कपड़ा, कंबल और कुछ खाने का सामान लेकर पहुंचे थे। परिवार से मिलकर वह बहुत खुश था। उसे अपने किए का जरा भी पछतावा नहीं है। खुशी-खुशी उसने अपने साथ बंदियों से भी कहा कि वह जल्द छूट जाएगा।
डीजे बजाता था, न जाने कैसे फंस गया
जेल जाने पर उससे हुई पूछताछ में अजय ने बड़े ही शातिराना अंदाज में बताया कि वह तो शादी और पार्टी में जाकर डीजे बजाता है। न जाने कैसे इस केस में उसे फंसा दिया गया। गांव के ही स्कूल से हाईस्कूल जीव विज्ञान से पास किया। फिर इंटर की पढ़ाई कर रहा है। जब छुट्टियां होती हैं तो वह सूरत कमाने चला जाता है।
कभी हंस रहा तो हो जा रहा गंभीर
केस की गंभीरता को देखते हुए जेल प्रशासन अजय की 24 घंटे निगरानी कर रहा है। बताया जा रहा है कि अजय की स्पिलिट पर्सनालिटी है। वह कभी हंसने लगता है। कभी गंभीर होकर इधर-उधर देखने लग रहा है। उसकी हर गतिविधियों पर जेल प्रशासन की नजर है।
2022 में बच्चा बैरक में था बंद
अजय यह भी कहता फिर रहा है कि उसने वर्ष 2022 में गांव की एक किशोरी का फोटो सोशल मीडिया के स्टेटस पर लगाया था। इस कारण उस पर पास्को एक्ट में केस दर्ज हो गया था। इसके बाद जेल में छह माह तक बंद था। जेल की बच्चा बैरक में उसे रखा गया था। अजय का कहना है कि उस बात को वह भूल नहीं पाता। बार-बार वह घटना सामने आती है, तब वह जग जाता है।
देहरादून वाली महिला मित्र से पुलिस पूछेगी पूरी कहानी
जेल में पल-पल झूठ बोलने वाले अजय ने पुलिस को कुछ और ही कहानी बताई थी। उसने बताया था कि उसे महिलाओं को दर्द से तड़पता देखना अच्छा लगता है, इसलिए निर्मम तरीके से महिलाओं के चेहरे पर वार करता था, ताकि वे दर्द से छटपटाएं। वह चाहता तो एक बार में उन्हें मार सकता था, लेकिन उन्हें तड़पाना उसे अच्छा लगता है। इस तरह महिलाओं के साथ हुई पांचों घटनाओं की जिम्मेदारी ली थी। उधर, केस को मजबूत करने के लिए पुलिस अब देहरादून रहने वाली महिला मित्र से भी पूछताछ करने की तैयारी कर रही है।