कसिहार निवासी राधारी पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जनपद में फोरलेन में यदि इस तरह का घटिया निर्माण हो रहा है तो अन्य जगह की क्या स्थिति होगी, अंदाजा लगाया जा सकता है। दोषी जो भी हो उस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
सीएम की सख्ती, पीएमओ की निगरानी भी बेअसर
गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन की आधारशिला केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने 2016 में रखी थी। इसका निर्माण तीन साल में पूरा करने का अनुबंध जेपी एसोसिएट ने किया था। शुरू से ही संस्था की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में थी।
बांसगांव के सांसद से लेकर मुख्यमंत्री योगी ने इसकी शिकायत जब ऊपर तक की तो सड़क निर्माण की निगरानी पीएमओ से होने लगी। बावजूद इसके फर्म ने अपनी कार्य प्रणाली में कोई सुधार नहीं किया। इसी बीच महावीर छपरा के पास सड़क धंस गई। हल्ला मचा तो उसे उखाड़कर नए सिरे से बनाया जा रहा है। अब बारिश की वजह से कसिहार के पास सड़क का एक हिस्सा धंस गया है।