गोरखपुर। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने बृहस्पतिवार को प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ ऑनलाइन बैठक कर नशा मुक्ति अभियान की समीक्षा की। बैठक में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने विश्वविद्यालय में चल रहे अभियान की उपलब्धियों और भविष्य की कार्ययोजना प्रस्तुत की। कुलाधिपति ने नशा मुक्ति अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने और युवाओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने दो अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत–2047’ अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में सभी विश्वविद्यालयों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय ने पिछले वर्षों में नशा मुक्ति अभियान के तहत रैलियां, शपथ ग्रहण, कार्यशालाएं, संगोष्ठियां और एनएसएस, एनसीसी और रोवर्स-रेंजर्स के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए हैं। इन गतिविधियों से विद्यार्थियों और युवाओं में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ी है। प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय अभियान को और गति देगा और इसे अधिक प्रभावी बनाने के लिए 100 दिनों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करेगा।