दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में एंटरप्रेन्योर और बिजनेस इनक्यूबेटर सेल की स्थापना की जाएगी। इसे विश्वविद्यालय अपने आंतरिक संसाधनों के द्वारा वित्त पोषित करेगा। यह जानकारी कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने शनिवार को दी।
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में उद्यमिता की संस्कृति विकसित होनी चाहिए। इसे ध्यान में रखते यह फैसला लिया गया है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार, अटल इनोवेशन मिशन, नीति आयोग और उत्तर प्रदेश सरकार के उद्योग विभाग को धन मुहैया कराने के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। केंद्र सरकार के पास इस तरह के बिजनेस इन्क्यूबेटर्स की स्थापना के लिए 10 करोड़ रुपये तक के फंड का प्रावधान है।
कहा कि गोरखपुर विश्वविद्यालय ने अपने बिजनेस इनक्यूबेटर योजना के तहत विभिन्न गतिविधियों को शुरू करने की योजना बनाई है। अगले दो वर्षों में विश्वविद्यालय अपने कैंपस में लगभग 100 स्टार्टअप को बढ़ावा देने जा रहा है। बिजनेस इनक्यूबेटर सेल, स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग और बिजनेस मॉडल ऑप्टिमाइज करके स्टार्टअप की मदद करेगा। इस बिजनेस इनक्यूबेटर सेल का कार्यालय विश्वविद्यालय के मोहन सिंह भवन में होगा तथा प्रोफेसर अजय गुप्ता सेल के पहले निदेशक होंगे।
एमजीकेवीके के साथ हुई बैठक
कुलपति की अध्यक्षता में एमजीकेवीके, चौकमाफी, पीपीगंज में बैठक हुई। इसमें गोरखपुर विश्वविद्यालय और एमजीकेवीके के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने पर सहमति जताई गई। पहले 10 फॉर्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन (एफपीओ) कंपनियों को पूर्ण विकसित कंपनियों के रूप में इनक्यूबेट करने पर चर्चा की हुई। ये एफपीओ कंपनियां बीज उत्पादन, मत्स्य पालन, पशुपालन, जैव-उर्वरक, गुड़ उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण और बेमौसमी सब्जियों के उत्पादन में काम करेंगी।