दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कॉमर्स विभाग के डीन और विभागाध्यक्ष प्रो. आरपी सिंह पर साहित्य चोरी के आरोपों को लेकर की गई शिकायत के बाद विश्वविद्यालय में जांच शुरू हो गई है। कॉमर्स विभाग के प्रो. अजेय गुप्ता ने मामले की शिकायत यूजीसी और राजभवन में की थी। शिकायत का संज्ञान लेते हुए राजभवन ने विश्वविद्यालय की कुलपति और रजिस्ट्रार को पत्र भेजकर नियमानुसार जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन के आदेश पर विभागीय अकादमिक इंटीग्रिटी पैनल और संस्थागत अकादमिक इंटीग्रिटी पैनल लगाए गए आरोपों और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच करेगा। दोनों कमेटियों की रिपोर्ट के आधार पर मामले में अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
वहीं, प्रो. आरपी सिंह ने आरोपों पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनके एक शोधार्थी ने छह शोधपत्र प्रकाशित कराए थे जिनमें साहित्यिक समानता का मामला सामने आया था।
इनमें एक शोधपत्र आईआईएम शिलांग एक कोलकाता से प्रकाशित होने की बात भी उन्होंने कही। उनके अनुसार, इसे लेकर हुई शिकायत के बाद वर्ष 2021 में प्रो. शांतनू रस्तोगी और प्रो. हर्ष सिन्हा की कमेटी ने मामले की जांच की थी।
उन्होंने कमेटी को बताया था कि संबंधित शोधपत्र शोधार्थी ने प्रकाशित कराए हैं। प्रो. सिंह का दावा है कि उन्होंने इन शोधपत्रों को अपने बायोडाटा में शामिल नहीं किया और न ही इनके आधार पर नकद में या किसी तरह का अन्य लाभ लिया है।
यूजीसी और राजभवन में की गई शिकायत के बाद जांच के निर्देश दिए गए हैं। विश्वविद्यालय की दो कमेटियां नियमानुसार मामले की जांच कर अंतिम रिपोर्ट देंगी: प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, गोरखपुर विश्वविद्यालय