गोरखपुर। विषम सेमेस्टर की परीक्षाओं के पैटर्न को लेकर दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने यू-टर्न लिया है। कुलपति प्रो. केपी सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को कमेटी हॉल में हुई परीक्षा समिति की बैठक में तृतीय, पंचम और सप्तम विषम सेमेस्टर की परीक्षाओं में पुरानी व्यवस्था बहाल रखने का निर्णय लिया गया। इन सेमेस्टरों की परीक्षाएं पूर्व निर्धारित बहुविकल्पीय (एमसीक्यू) प्रश्न पद्धति से ही होंगी। वहीं, नवप्रवेशित विद्यार्थियों यानी प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा पहली बार मिश्रित पद्धति से कराई जाएगी, जिसमें एमसीक्यू और वर्णनात्मक दोनों तरह के प्रश्न होंगे।
प्रथम सेमेस्टर के प्रश्नपत्र में 35 एमसीक्यू प्रश्न होंगे। प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा। इसके अलावा पांच लघु उत्तरीय प्रश्न चार-चार अंक के और दो दीर्घ उत्तरीय प्रश्न 10-10 अंक के होंगे। प्रश्नपत्र कुल 75 अंकों का होगा। लघु उत्तरीय प्रश्नों के उत्तर लगभग 100 शब्द और दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों के उत्तर लगभग 200 शब्दों में देने होंगे। वर्णनात्मक प्रश्नों के उत्तर उत्तर पुस्तिका में निर्धारित स्थान पर ही लिखने होंगे। इसके लिए प्रश्न पुस्तिका और ओएमआर शीट एक ही में होगी।