गोविवि ने अपने विद्यार्थियों को दुनिया भर की ख्यातिलब्ध पुस्तकें उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सेंट्रल लाइब्रेरी को नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी आफ इंडिया से जोड़ दिया है। विश्वविद्यालय के विद्यार्थी ई-लाइब्रेरी के माध्यम से दुनिया भर के लेखकों और प्रकाशकों की चार करोड़ से अधिक पुस्तकें आनलाइन पढ़ सकेंगे। इसके लिए उन्हें किसी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ेगा। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले और शोधार्थियों को इस सुविधा का विशेष लाभ मिलेगा।
गोविवि सेंट्रल लाइब्रेरी के लाइब्रेरियन बिभाष कुमार मिश्रा ने कहा कि ई-लाइब्रेरी और साइबर कैफे में कंप्यूटर के साथ सीपीयू नहीं लगे होने की जानकारी मिली है। कार्यदायी संस्था से संम्पर्क स्थापित कर जल्द से जल्द सीपीयू को मंगवा कर इसे चालू कराया जाएगा।