गोविवि में बृहस्पतिवार को शोध पात्रता परीक्षा में एक रोल नंबर पांच-पांच अभ्यर्थियों को जारी हो गया था। आरोप है कि एक दिन पहले प्रवेश पत्र जारी होने से 866 अभ्यर्थी परीक्षा देने से वंचित हो गए। एबीवीपी के दो कार्यकर्ताओं को परीक्षा देने से रोक लगा दिया गया। एबीवीपी कार्यकर्ता शोध पात्रता परीक्षा रद्द कर पुन: कराने की मांग को लेकर शुक्रवार की सुबह 11 बजे विश्वविद्यालय मुख्यद्वार पर ज्ञापन देने पहुंचे थे।
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आरोप है कि सूचना देने के बाद भी शोध पात्रता परीक्षा के समन्वयक डॉ. दिनेश यादव ज्ञापन लेने नहीं आए। अपराह्न 3:30 बजे तक किसी के ज्ञापन नहीं नहीं लेने पर कार्यकर्ताओं ने विवि का मुख्यद्वार बंद कर आवागमन रोक दिया। इसकी सूचना पर कैंट इंस्पेक्टर रणधीर मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। बाद में नायब तहसीलदार विकास कुमार के पहुंचकर ज्ञापन लिया। करीब 4:30 बजे मुख्य द्वार खुलने पर आवागमन सामान्य हो सका।
एबीवीपी ने चलाया हस्ताक्षर अभियान
गोरखपुर विश्वविद्यालय में शुल्क वृद्धि और निष्कासन के विरोध में एबीवीपी ने मुख्य द्वार पर हस्ताक्षर अभियान चलाया। हस्ताक्षर अभियान में छात्र-छात्राओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।