दिलीप सिंह ने बताया कि स्मार्ट मीटर से बिजली चोरी का यह मामला प्रदेश में पहला है। टीम ने दोनों फैक्ट्री के मीटरों को कब्जे में लेकर उसे सील कर दिया। एंटी थेफ्ट थानाध्यक्ष संजय सिंह ने बताया कि जबसे स्मार्ट मीटर लगा है, पहली बार इससे बिजली चोरी का मामला सामने आया है। अभी तक स्मार्ट मीटर से बिजली चोरी का मामला सामने नहीं आया था। विजिलेंस टीम की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
एलएंडटी और अभियंताओं को मौके पर ही बुलाया
विजिलेंस की टीम ने स्मार्ट मीटर लगाने वाली फर्म लार्सन एंड टुबरो (एलएंडटी) और खंड के अधिशासी अभियंता के साथ मीटर खंड के अधिकारियों को भी मौके पर ही बुला लिया। चूंकि स्मार्ट मीटर से पहली बार बिजली चोरी पकड़ी गई थी, ऐसे में पुष्टि के लिए टीम ने सभी को बुलाया। जांच के दौरान अभियंता और एलएंडटी के कर्मचारी भी स्मार्ट मीटर से बिजली चोरी होते देख हैरान रह गए।
ऐसे कर रहे थे बिजली चोरी
जांच टीम के एक अधिकारी ने बताया कि एलटी लाइन के फेज से बिजली आपूर्ति मीटर तक जाती है, इसे इनकमिंग कहते हैं। इसके बाद मीटर से घर के अंदर की वायरिंग तक जाने वाली आपूर्ति को आउटगोइंग बिजली धारा कहते हैं। इसी आउटगोइंग से निकलने वाले दोनों फेज की लाइन में एक फेज की लाइन मीटर और घर की आपूर्ति से काट दी गई थी। इसी केबल में टेप लगाकर तार को मीटर के अंदर बंद कर बिजली चोरी की जा रही थी।
मुख्य अभियंता एके सिंह ने बताया कि विजिलेंस और वितरण खंड बक्शीपुर ने स्मार्ट मीटर में भी बिजली चोरी पकड़ी है। टीम बधाई की पात्र है। एहतियात के तौर पर टीम अब जब भी किसी क्षेत्र में जाएं तो स्मार्ट मीटरों की भी बारीकी से जांच करें। स्मार्ट मीटर इसीलिए लगाया गया था कि बिजली चोरी रुक सके। इसके बाद भी बिजली चोरी हो रही है तो यह ताज्जुब की बात है। समय-समय पर ऐसे ही वितरण खंड की टीम अपने क्षेत्र में बिजली चोरी के विरुद्ध अभियान चलाकर कार्रवाई करेगी।