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गोरखपुर: स्मार्ट मीटर से बिजली चोरी का प्रदेश का पहला मामला पकड़ा, गड़बड़झाला समझने में विजिलेंस, निगम को लगे तीन दिन

Sun, 29 May 2022 09:54 AM IST
अनुराग सक्सेना संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर

सार

निजामपुर क्षेत्र में एक फैक्टरी परिसर पर इमरान और अहमद खान के नाम से दो बिजली कनेक्शन थे। दोनों पर स्मार्ट मीटर लगे हुए थे। जांच के दौरान दोनों स्मार्ट मीटर की रीडिंग शून्य मिली। इस संबंध में निगम के उपखंड में सूचना भी नहीं दी गई थी। स्मार्ट मीटर की रीडिंग शून्य होने पर विजिलेंस टीम और अधिकारियों को होश उड़ गए।
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स्मार्ट मीटर से भी की जाने लगी है चोरी - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मीटर से भी स्मार्ट बिजली चोरों ने विद्युत निगम को 45 लाख से अधिक का चूना लगा दिया है। स्मार्ट मीटर से बिजली चोरी का यह प्रदेश का पहला मामला है। चोरी शहरी क्षेत्र के बक्शीपुर क्षेत्र में दो भाइयों की आईसक्रीम फैक्ट्री में पकड़ी गई है। अभियंताओं के मुताबिक कितने राजस्व की बिजली चोरी हुई है यह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है पर ये 45 लाख से ज्यादा की ही है। चोरी को समझने में विजिलेंस और बिजली निगम की टीम को तीन दिन लग गए।

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जानकारी के मुताबिक उपखंड अधिकारी बक्शीपुर विवेक सिंह को सूचना मिली थी कि भरवापुर नाला, निजामपुर क्षेत्र में एक आईसक्रीम फैक्ट्री में बिजली चोरी की जा रही है। सूचना पर उन्होंने विजिलेंस की मदद से चेकिंग अभियान चलाया। प्रभारी दिलीप मिश्रा ने बताया कि सूचना पर टीम इमरान खान के फैक्ट्री परिसर में जांच को पहुंची। देखने से यह फैक्ट्री लग ही नहीं रही थी।

उन्होंने बताया कि परिसर पर इमरान और अहमद खान के नाम से दो बिजली कनेक्शन थे। दोनों पर स्मार्ट मीटर लगे हुए थे। जांच के दौरान दोनों स्मार्ट मीटर की रीडिंग शून्य मिली। इस संबंध में निगम के उपखंड में सूचना भी नहीं दी गई थी। स्मार्ट मीटर की रीडिंग शून्य होने पर विजिलेंस टीम और अधिकारियों को होश उड़ गए। इसी बीच उसी परिसर के सामने स्थित दूसरी फैक्ट्री के कर्मचारी निकल कर जाने लगे। टीम उस परिसर में पहुंची तो पता चला कि ये परिसर भी इन दोनों भाइयों की आईसक्रीम फैक्ट्री का ही हिस्सा है। उस परिसर में भी कनेक्शन पर दो स्मार्ट मीटर लगे थे। इनमें भी छेड़छाड़ कर रीडिंग शून्य कर दी गई थी, जबकि मौके पर बिजली की खपत होती मिली।

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दिलीप सिंह ने बताया कि स्मार्ट मीटर से बिजली चोरी का यह मामला प्रदेश में पहला है। टीम ने दोनों फैक्ट्री के मीटरों को कब्जे में लेकर उसे सील कर दिया। एंटी थेफ्ट थानाध्यक्ष संजय सिंह ने बताया कि जबसे स्मार्ट मीटर लगा है, पहली बार इससे बिजली चोरी का मामला सामने आया है। अभी तक स्मार्ट मीटर से बिजली चोरी का मामला सामने नहीं आया था। विजिलेंस टीम की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।

एलएंडटी और अभियंताओं को मौके पर ही बुलाया

विजिलेंस की टीम ने स्मार्ट मीटर लगाने वाली फर्म लार्सन एंड टुबरो (एलएंडटी) और खंड के अधिशासी अभियंता के साथ मीटर खंड के अधिकारियों को भी मौके पर ही बुला लिया। चूंकि स्मार्ट मीटर से पहली बार बिजली चोरी पकड़ी गई थी, ऐसे में पुष्टि के लिए टीम ने सभी को बुलाया। जांच के दौरान अभियंता और एलएंडटी के कर्मचारी भी स्मार्ट मीटर से बिजली चोरी होते देख हैरान रह गए।

ऐसे कर रहे थे बिजली चोरी

जांच टीम के एक अधिकारी ने बताया कि एलटी लाइन के फेज से बिजली आपूर्ति मीटर तक जाती है, इसे इनकमिंग कहते हैं। इसके बाद मीटर से घर के अंदर की वायरिंग तक जाने वाली आपूर्ति को आउटगोइंग बिजली धारा कहते हैं। इसी आउटगोइंग से निकलने वाले दोनों फेज की लाइन में एक फेज की लाइन मीटर और घर की आपूर्ति से काट दी गई थी। इसी केबल में टेप लगाकर तार को मीटर के अंदर बंद कर बिजली चोरी की जा रही थी।

मुख्य अभियंता एके सिंह ने बताया कि विजिलेंस और वितरण खंड बक्शीपुर ने स्मार्ट मीटर में भी बिजली चोरी पकड़ी है। टीम बधाई की पात्र है। एहतियात के तौर पर टीम अब जब भी किसी क्षेत्र में जाएं तो स्मार्ट मीटरों की भी बारीकी से जांच करें। स्मार्ट मीटर इसीलिए लगाया गया था कि बिजली चोरी रुक सके। इसके बाद भी बिजली चोरी हो रही है तो यह ताज्जुब की बात है। समय-समय पर ऐसे ही वितरण खंड की टीम अपने क्षेत्र में बिजली चोरी के विरुद्ध अभियान चलाकर कार्रवाई करेगी।
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