Family Suicide In Gorakhpur: गोरखपुर के हरपुर-बुदहट में बुधवार को बेटे ने फंदा लगाकर जान दे दी। इससे आहत मां-बेटी ने भी जहर खा लिया। बुधवार को बेटी की भी मौत हो गई, जबकि मां ने गुरुवार को दम तोड़ दिया। एक साथ मां-बेटे और बेटी का पोस्टमार्टम किया गया। एक साथ तीन चिताएं जलीं।
Gorakhpur Family Suicide: गोरखपुर के हरपुर-बुदहट के कूचडेहरि गांव में भाई-बहन की मौत के बाद बृहस्पतिवार को मां कौशल्या (46) की भी मेडिकल कॉलेज में सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई।
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इसके बाद मां कौशल्या देवी, बेटा मोहित कन्नौजिया (18) और बेटी सुप्रिया (14) का एक साथ बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम कराया गया। इसे देखकर लोगों की रूह कांप गई। इस तरह आपसी कलह में तीन मौत के बाद एक परिवार का अंत हो गया।
बुधवार को पहले 1500 रुपये मांगने पर मां के डांटने से नाराज मोहित कन्नौजिया (18) ने फंदा लगाकर खुदकुशी की थी। घर में बेटे को फंदे पर लटका देख मां कौशल्या और उनकी बेटी सुप्रिया (14) ने जहर खाया था।
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दोनों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां पर सुप्रिया की मौत हो गई थी। वहीं, पोस्टमार्टम के बाद मां-बेटी की मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने पर विसरा प्रिजर्व कर लिया गया।
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एक-एक करके सभी छोड़कर चले गए...
कूचडेहरि गांव में एक परिवार में तीन मौत से हर कोई हैरान है। वहीं, घर में बचे कौशल्या के बुजुर्ग 72 वर्ष के ससुर हरिलाल का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि एक-एक करके सभी मुझे छोड़कर चले गए। मेरे तीन बेटे हैं, बड़े बेटे अंगद की 10 वर्ष पहले ही मौत हो गई। दूसरे बेटा गंगासागर और तीसरा बेटा रवि अपने परिवार के साथ अहमदाबाद में रहते हैं।
कौशल्या व उसका परिवार मेरी सेवा करता था। 10 दिन पूर्व पोता मोहित अहमदाबाद से वापस आया था। उसकी दो बहनें रोली और बोली की शादी हो चुकी है। छह माह पहले पोते ने अपनी कमाई से बहन बोली की शादी की थी।
22 मई को पटीदारी में शादी पड़ी है। इसको लेकर रिश्तेदार आने शुरू हो गए हैं। पटीदारी में शादी की तैयारी के बीच अचानक कौशल्या का पोते से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद सभी ने एक-एक कर खुदकुशी कर ली।
एक साथ जलीं तीन चिताएं
पोस्टमार्टम के बाद तीनों शव को गांव न ले जाकर उनका राजघाट के राप्ती तट पर दाह संस्कार किया गया। ग्रामीणों के साथ हरिलाल ने बहू, पोते व पोती के शव का दाह संस्कार किया। एक साथ जब तीनों चिताएं जली तो यह दृश्य देखने के लिए वहां भारी भीड़ जमा हो गई थी। सभी लोग बुजुर्ग हरिलाल को ढांढस बंधा रहे थे। वहीं, अहमदाबाद में रहने वाले दोनों बेटों के परिवार से कोई नहीं पहुंच पाया था।
एक परिवार के भाई-बहन की बुधवार को ही मौत हो गई थी। इसके बाद महिला की भी मौत हो गई। पोस्टमार्टम करवाकर तीनों का शव परिजनों को सौंंप दिया गया है।- जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसपी उत्तरी