अब उन्होंने चीन के मोकी शहर में आयोजित विमेंस हॉकी जूनियर एशिया कप-2026 में अंपायर की भूमिका निभाई है। वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज की पूर्व छात्रा सोनाली सिंह ने करीब सात साल तक वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में पढ़ाई के साथ हॉकी का प्रशिक्षण लिया। इस दौरान वह कॉलेज की प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल रहीं। राष्ट्रीय स्तर पर भी उन्होंने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
सोनाली सिंह अभी चीन में ही हैं। उन्होंने फोन पर हुई बातचीत में बताया कि हॉकी खेलते समय उनके हाथ में गंभीर चोट लग गई। चोट इतनी गहरी थी कि हाथ में तीन रॉड डालनी पड़ीं। इसके बाद पहले की तरह हॉकी खेलना मुश्किल हो गया। चोट लगने के बाद उन्होंने फिर मैदान में उतरने की उम्मीद छोड़ दी थी। मेरे कोच ने सलाह दी कि अंपायरिंग करो और फिर उन्होंने मार्गदर्शन किया।
उन्होंने सोनाली को अंपायरिंग की बारीकियां बताईं। फिर उन्होंने एक्सपर्ट से ट्रेनिंग ली। लखनऊ, बरेली, कानपुर सहित कई राज्यों में उन्होंने खेल के दौरान अंपारिंग की। खिलाड़ी के रूप में मैदान पर बिताए वर्षों का अनुभव उनके लिए अंपायरिंग में काफी मददगार साबित हुआ।
सोनाली का चयन अंपायरिंग के लिए विमेंस हॉकी जूनियर एशिया कप-2026 के लिए भारत की ओर से हुआ। चीन के मोकी शहर में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में उन्होंने अंपायर के रूप में जिम्मेदारी निभाई और वापस आने वाली हैं।