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5 जिलों में बाढ़ का खतरा: नेपाल की बारिश से उफनाईं पूर्वांचल की नदियां, राप्ती-सरयू-गंडक का बढ़ा जलस्तर

Thu, 16 Jul 2026 05:24 PM IST
Rohit Singh अमर उजाला ब्यूरो, बस्ती/सिद्धार्थनगर/संतकबीरनगर/कुशीनगर/देवरिया/महराजगंज।

सार

गोरखपुर-बस्ती मंडल में नदी किनारे के लोग राप्ती, सरयू, गंडक, रोहिनी और अन्य नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि से डरे हुए हैं। हालांकि अधिकतर नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। तटवर्ती इलाकों में बाढ़ की आशंका गहराने लगी है। प्रशासन ने संवेदनशील तटबंधों पर निगरानी बढ़ा दी है और राहत-बचाव तैयारियों को सक्रिय कर दिया है।
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सरयू नदी के चांदपुर घाट पर माझा से ट्रैक्टर लाते किसान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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नेपाल और तराई क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश का असर पूर्वांचल की नदियों पर साफ दिखने लगा है। गोरखपुर-बस्ती मंडल में नदी किनारे के लोग राप्ती, सरयू, गंडक, रोहिनी और अन्य नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि से डरे हुए हैं।
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हालांकि अधिकतर नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। तटवर्ती इलाकों में बाढ़ की आशंका गहराने लगी है। प्रशासन ने संवेदनशील तटबंधों पर निगरानी बढ़ा दी है और राहत-बचाव तैयारियों को सक्रिय कर दिया है।

सिद्धार्थनगर: जिले में सर्वाधिक तबाही मचाने वाली नदियों में राप्ती का जलस्तर बुधवार शाम तक 81.64 मीटर पर पहुंच गया है, जो खतरे के लाल निशान से मात्र 3.26 मीटर नीचे है। नेपाल व जिले में चार दिनों से हो रही बारिश के चलते ही कूड़ा, घोघी व बानगंगा नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव से लोगों की सांसें थमी हैं।

डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में बांध के गैप से तबाही की आशंका है, वहीं बांसी, शोहरतगढ़, इटवा व नौगढ़ तहसीलों में नदियों के किनारे कटान की आशंका बाढ़ पीड़ित सशंकित हैं।

संतकबीरनगर: मेंहदावल। क्षेत्र में राप्ती नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है। पिछले पांच दिनों में नदी का जलस्तर 95 सेमी बढ़ चुका है, जिससे तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। ड्रेनेज खंड के अधिकारियों ने बताया कि अभी जलस्तर में मामूली वृद्धि हुई है। सभी तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं। कहीं से कटान या रिसाव की सूचना नहीं है। उम्मीद है कि जल्द जलस्तर नीचे आना शुरू हो जाएगा।

कुशीनगर: तमकुहीरोड। नेपाल में हो रही बारिश व वाल्मीकि नगर बैराज से छोड़े जा रहे पानी के चलते क्षेत्र में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। मंगलवार की रात वाल्मीकि नगर बैराज से गंडक नदी में 2.24 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। इसका असर बुधवार को बांसी और गंडक नदी के दोआबा में बसे पिपराघाट में दिखा। दोआबा के गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। खेतों में पानी भर जाने से फसलें डूब गई हैं।

देवरिया: सरयू नदी में चार दिन से लगातार पानी बढ़ रहा है। 24 घंटे में पांच सेमी सरयू के पानी में इजाफा हुआ है। चेतावनी बिंदु 63.10 मीटर से नदी 72 सेंटीमीटर नीचे है। नदी का पानी अब आसपास के दियारा (देवारा) क्षेत्र में फैलने लगा है। बाढ़ के खतरे को देखते हुए तटवर्ती ग्रामीणों में दहशत है।

बस्ती: सरयू का जलस्तर बढ़ने का सिलसिला लगातार जारी है। कटरिया-चांदपुर तटबंध पर दो किमी के दायरे में तटबंध पर बने ठोकरों व स्परों पर दबाव बढने लगा है। माझा क्षेत्र में बाढ़ का पानी भी अब फैलने लगा है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या कार्यालय के अनुसार बुधवार को शाम छह बजे जलस्तर 91.27 मीटर पर दर्ज किया गया है। यह चेतावनी बिंदु 91.73 मीटर से 46 सेंटीमीटर नीचे है।
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महराजगंज: सिंचाई खंड दो के बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार, गंडक, रोहिनी और राप्ती का जलस्तर बढ़ा है लेकिन राहत की बात यह है कि सभी नदियां अभी खतरे के निशान से अभी नीचे बह रही हैं। इससे लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। रोहिनी नदी में बाढ़ आने से नौतनवा, लक्ष्मीपुर, पनियरा, त्रिमोहानी क्षेत्र प्रभावित होता है। इससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वहीं राप्ती नदी से फरेंदा और धानी क्षेत्र प्रभावित होता है।
 
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