फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राप्ती में उफान में जारी, खतरे के निशान से 56 सेमी ऊपर

विज्ञापन
विज्ञापन
राप्ती में उफान में जारी, खतरे के निशान से 56 सेमी ऊपर
विज्ञापन

गोरखपुुर। भले ही पहाड़ों पर बुधवार को बारिश थम गई हो, लेकिन राप्ती नदी में उफान जारी है। नदी का जलस्तर पिछले 24 घंटे में 29 सेमी बढ़ा है। राप्ती खतरे के निशान से 56 सेमी ऊपर बह रही है। नदी पर बना बैकुंठधाम जलमग्न हो गया है। जिससे शव को वहां तक पहुंचाने में दिक्कत होने लगी है। नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो हालात बेकाबू हो सकते हैं।
शहर से सटे हाबर्ट बंधे पर उत्तरी बहरामपुर से डोमिनगढ़ तक नदी का पानी कई गांवों की सीमा तक पहुंच गया है। राप्ती नदी पर बने बैकुंठ धाम के चारों तरफ पानी है। इससे शव को पहुंचाने में दिक्कत तो है ही, साथ ही लकड़ी ले जाना भी मुश्किल हो गया है। उधर, रोहिन नदी में भी बाढ़ का पानी लगातार बढ़ रहा है, लेकिन कुआनों और गंडक नदी में पानी थम गया है।
विज्ञापन

केंद्रीय जल आयोग से मिले आंकड़ों के मुताबिक बुधवार को घाघरा नदी अयोध्या में शाम तक 92.890 मीटर पर बह रही थी। नदी का पानी स्थिर है। राप्ती नदी सुबह 75.455 मीटर थी जो शाम को बढ़कर 75.545 पर पहुंच गई। कुआनो नदी का जलस्तर चंद्रदीप घाट पर सुबह 89.200 मीटर था जो शाम को घटकर 89.180 पर आ गया। रोहिन नदी में पानी बढ़ रहा है। नदी का जलस्तर सुबह 82.860 था जो बढ़कर शाम को 82.940 पर पहुंच गया। इसी प्रकार बड़ी गंडक नदी वाल्मीकिनगर में सुबह 109.237 मीटर पर बह रही थी जबकि शाम को घटकर 108.690 मीटर पर आ गया। बुधवार शाम को नदी में 264000 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
विज्ञापन

35 गांव बाढ़ प्रभावित, लगी हैं 44 नावें
गोरखपुर। जिले में अब तक 35 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। गांवों में आवागमन की सुविधा के लिए प्रशासन ने 44 नावें लगा दी हैं। इन गांवों की सीमा तक पानी पहुंच गया है। आपदा कार्यालय के मुताबिक बाढ़ का पानी हटने के बाद फसल के नुकसान को लेकर इन गांवों का सर्वे किया जाएगा। किसान की कितनी फसल नुकसान हुई है, उसके हिसाब से कृषि निवेश का अनुदान दिया जाएगा। दूसरी तरफ जिन गांव में नावें लगाई गई हैं, वहीं नाविकों को हर सप्ताह भुगतान करने के लिए तहसील से डिमांड मांगी गई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें