मुठभेड़ में इनामी राधे यादव घायल, गिरफ्तार
गोरखपुर। बांसगांव इलाके के धोबहा के पास सोमवार रात दो बजे के करीब पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान घायल 25 हजार का इनामी बदमाश राधे यादव पकड़ा गया। पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया है। जबकि उसका साथी रामजीत फरार हो गया, जिसकी तलाश में टीम लगी है। बदमाशों की ओर से की गई फायरिंग में थानेदार जीएन सिंह समेत तीन पुलिस वाले भी घायल हो गए।
एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता के मुताबिक, बांसगांव के थानेदार जगत नारायण सिंह को मुखबिर के जरिए धस्का गांव निवासी हिस्ट्रीशीटर राधेश्याम उर्फ राधे यादव के आजमगढ़ के बदमाश रामजीत यादव के साथ बेलीपार की ओर आने की सूचना मिली थी। रात 1:15 बजे के करीब पुलिस ने घेराबंदी शुरू कर दी। धोबहा के पास पुलिस ने जैसे ही बदमाशों को घेरा, वे पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दिए। खुद को बचाते हुए पुलिस ने जवाबी फायरिंग की जिसमें राधे यादव के दाएं पैर पर गोली लगी और वह पकड़ा गया। इस बीच रामजीत यादव चकमा देकर फरार हो गया। मुठभेड़ में थानेदार के अलावा सिपाही सुनील यादव और सद्दाम भी घायल हो गए। राधे यादव के कब्जे से 315 बोर का एक तमंचा, तीन कारतूस के खोखे और चार कारतूस बरामद किया गया। एसएसपी ने बताया कि मुठभेड़ में घायल बदमाश राधे यादव बांसगांव थाने का हिस्ट्रीशीटर है। जिले के टॉप 10 बदमाशों की सूची में उसका नाम है। उस पर कुल 37 मुकदमे दर्ज हैं। फरार बदमाश की तलाश चल रही है।
लूट से की थी अपराध की शुरुआत
राधे यादव के खिलाफ बांसगांव थाने में 1994 में लूट का पहला मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद फिर आबकारी एक्ट, धमकी, हत्या, आर्म्स एक्ट, गुंडा अधिनियम, चौरीचौरा में आर्म्स एक्ट, झंगहा में लूट, चौरीचौरा में मादक पदार्थ अधिनियम, बेलीपार में हत्या, साक्ष्य छिपाने, आजमगढ़ के कोतवाली थाने में मादक पदार्थ अधिनियम, हत्या की कोशिश समेत 37 मुकदमे दर्ज हैं।
दो दिन पहले मुठभेड़ के दौरान भाग निकला था राधे
राधे यादव को रविवार को भी पुलिस ने घेरा था तब पुलिस टीम पर फायरिंग करते हुए वह फरार हो गया था। पुलिस ने इसके साथी अभय को दबोच लिया था जिस पर 15 हजार रुपये का इनाम भी था।
अमरजीत का शूटर है राधे
पुलिस के मुताबिक राधे यादव शातिर अमरजीत यादव गैंग का सक्रिय शूटर है। इसके पहले लूट कर गैंग के लिए रुपये एकत्र करने के आरोप में भी दबोचा गया था। अमरजीत के जेल जाने के बाद से राधे ही गैंग की कमान संभाले हुआ था।
... तब गिरफ्तारी के विरोध में हुआ था प्रदर्शन
पुलिस ने राधे को तीन फरवरी 2019 को गिरफ्तार किया था। तब उसके समर्थन में कई लोगों ने गोरखपुर-वाराणसी मार्ग जाम कर प्रदर्शन भी किया था। उस समय पुलिस सीसी टीवी फुटेज की मदद से कई लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई भी की थी। तबसे राधे की आपराधिक गतिविधियां कुछ कम थीं, लेकिन एक बार फिर अपराध में उसका नाम तेजी से आने लगा था।