गोरखपुर खोराबार इलाके में मेडिकल स्टोर संचालक रामाश्रय की हत्या के मामले में पुलिस ने मंगलवार को ब्लॉक प्रमुख शैलेश यादव के घर एक बार फिर दबिश दी। इस मामले में ब्लॉक प्रमुख के पिता जवाहर यादव और भाभी सीमा यादव भी नामजद आरोपियों में शामिल हैं। हालांकि दबिश देने पहुंची टीम को घर पर कोई नहीं मिला।
ब्लॉक प्रमुख का पूरा परिवार सपा से जुड़ा है। पुलिस इस मामले में नियम कानून के तहत कार्रवाई कर रही है, ताकि उसपर कोई आरोप ना लगे। पुलिस ने आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से वारंट बी भी हासिल कर लिया है। खबर है कि पुलिस ने बरहुआं में सीमा यादव के मायके में भी दबिश दी है।
जानकारी के मुताबिक, बीते 19 जनवरी को रामाश्रय की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में शूटर समेत दस आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि नामजद आरोपी सीमा यादव, जिला पंचायत सदस्य पंकज शाही आदि अब भी फरार चल रहे हैं।
पुलिस का दावा है कि जल्द ही इन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस को जांच में पता चला है कि रामाश्रय की हत्या भूमि विवाद में की गई थी। उस भूमि को सीमा यादव की फर्म ने ही खरीदा था।
पूरे विवाद की जड़ में यह भूमि ही है, जिसके चलते रामश्रय की गोली मारकर हत्या की गई। पुलिस ने घटना के दूसरे दिन रामाश्रय के भाई रामनयन की तहरीर पर सीमा यादव, पंकज शाही समेत 13 लोगों पर नामजद केस दर्ज किया था।