फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोरखपुर: डीडीयू का छात्र नेता दुराचारी घोषित, ‘ख’ श्रेणी का हिस्ट्रीशीटर बना, 10 मुकदमे दर्ज

Sat, 17 Oct 2026 02:45 PM IST
अनुराग रंजन अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

उज्ज्वल सिंह मूलरूप से आजमगढ़ जिले के रौनापार थाना क्षेत्र के कर्खिया गांव का निवासी है। वर्तमान में वह कैंट थाना क्षेत्र के सिविल लाइंस स्थित पीडब्ल्यूडी कॉलोनी के अधिकारी आवास में रहता है। एसपी सिटी ने बताया कि हिस्ट्रीशीट खोलने का उद्देश्य संबंधित व्यक्ति की गतिविधियों पर नजर रखना और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में समय रहते जानकारी जुटाना है।
विज्ञापन
DDU Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के गेट के सामने एबीवीपी कार्यकर्ताओं और दूसरे छात्र गुट के बीच मारपीट के मामले में आरोपी छात्र नेता गोलू उर्फ उज्ज्वल सिंह की पुलिस ने हिस्ट्रीशीट खोल दी है। पुलिस ने उसे दुराचारी घोषित करते हुए ‘ख’ श्रेणी का हिस्ट्रीशीटर बनाया है। वर्ष 2019 से 2026 तक उसके खिलाफ कैंट और महिला थाने में अब तक 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं। एसएसपी डॉ. कौस्तुभ के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई के बाद पुलिस उसकी गतिविधियों पर निगरानी रखेगी।

विज्ञापन

22 सितंबर को दो छात्र गुटों के बीच हुआ था विवाद 
22 सितंबर की दोपहर करीब 12 बजे विश्वविद्यालय के मुख्य गेट के सामने दो छात्र गुटों के बीच विवाद हो गया था। 20 से अधिक छात्रों के बीच कहासुनी के बाद हाथापाई शुरू हो गई। सूचना पर पहुंची विश्वविद्यालय चौकी की पुलिस ने बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद दोनों पक्षों को कैंट थाने ले जाया गया। इस दौरान दोनों गुटों के समर्थकों की भारी भीड़ थाने और विश्वविद्यालय गेट पर जुटी रही। करीब दो घंटे तक माहौल गर्म रहा। मामले में एबीवीपी के विभाग संयोजक प्रशांत त्रिपाठी ने उज्ज्वल सिंह, सतीश प्रजापति, सत्यम गोस्वामी समेत अन्य लोगों के खिलाफ तहरीर दी थी।
उन्होंने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने गिरोह बनाकर गाली-गलौज की और जान से मारने की नीयत से हमला किया। तहरीर में आरोप लगाया गया था कि हमलावरों के पास अवैध असलहे थे और पीड़ित को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। साथ ही सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर जातिसूचक गालियां देने और साथियों को उकसाने का भी आरोप लगाया गया था। कैंट पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद छात्र नेता ने प्रेसवार्ता कर अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे को बेबुनियाद बताया था।
विज्ञापन

दर्ज हैं 10 मुकदमे
एसपी सिटी निमिष पाटील के अनुसार, उज्ज्वल के खिलाफ वर्ष 2019 से 2026 तक कैंट और महिला थाने में कुल 10 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, इनमें मारपीट, धमकी, नुकसान पहुंचाने और अन्य आरोपों से जुड़े मामले शामिल हैं। वर्ष 2023 में महिला थाने में छात्र नेता उज्जव के खिलाफ छेड़खानी की धारा में प्राथमिकी दर्ज किया गया था। वहीं, वर्ष 2026 में दर्ज मामलों में बीएनएस की विभिन्न धाराएं शामिल हैं।
आजमगढ़ का मूल निवासी, सिविल लाइंस में रहता है
पुलिस के अनुसार, उज्ज्वल सिंह मूलरूप से आजमगढ़ जिले के रौनापार थाना क्षेत्र के कर्खिया गांव का निवासी है। वर्तमान में वह कैंट थाना क्षेत्र के सिविल लाइंस स्थित पीडब्ल्यूडी कॉलोनी के अधिकारी आवास में रहता है। एसपी सिटी ने बताया कि हिस्ट्रीशीट खोलने का उद्देश्य संबंधित व्यक्ति की गतिविधियों पर नजर रखना और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में समय रहते जानकारी जुटाना है। पुलिस अब उसके आपराधिक इतिहास के आधार पर निगरानी रखेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें