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UP: शातिर खिलाड़ी है इमरान... 10 हजार में मेडिकल की डिग्री और 700 में तैयार कर देता था अंगूठे का निशान

Wed, 07 May 2025 02:45 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

गोरखपुर में अंगूठे का क्लोन और फर्जी मार्कशीट बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अंगूठे के क्लोन बनाने के 2000 रुपये लेते थे। जबकि 10 हजार में मेडिकल की डिग्री बनाकर दे देते थे।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गोरखपुर कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर शाही मार्केट में अंगूठे का क्लोन और फर्जी मार्कशीट बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। आरोपियों की निशानदेही पर अंगूठे का क्लोन बनाने वाली मशीन, अन्य उपकरण समेत फर्जी अंकपत्र मिले हैं। आरोपियों के पास से फार्मेसी व स्नातक की फर्जी डिग्रियां भी मिली हैं। पूछताछ के आधार पर दोनों आरोपियों समेत छह पर कोतवाली थाने में केस दर्ज किया गया है।
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पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों की पहचान शाहपुर के बिछिया निवासी श्याम बिहारी गुप्ता उर्फ गंगा राम और महराजगंज के निचलौल निवासी इमरान खान के रूप में हुई। इमरान खान हुमायूंपुर उत्तरी में किराये का कमरा लेकर रहता था, जहां कंप्यूटर से लगायत कई उपकरण मौजूद मिले। यहीं बैठकर वह फर्जी क्लोन व मार्कशीट तैयार करता था।

आरोपियों के बयान के आधार पर पुलिस ने कोतवाली इलाके के संदीप और ओमप्रकाश पंडित के साथ ही जयंत प्रताप व तबरेज के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। जयंत और तबरेज कहां के रहने वाले हैं, पुलिस इसके बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस इनकी तलाश में दबिश दे रही है।
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एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि शहर के शाही मार्केट में चोरी-छिपे अंगूठे का क्लोन बनाने की शिकायत मिली थी। मुखबिर की सूचना पर कोतवाली पुलिस सोमवार को शाही मार्केट पहुंची तो दुकान बंद मिली। बिछिया इलाके स्थित घर से एक आरोपी श्याम बिहारी को दबोच लिया गया। श्याम बिहारी ने ही पुलिस के साथ जाकर हुमायूंपुर से इमरान को पकड़वाया, जहां ढेरों फर्जी दस्तावेज मिले हैं।

उन्होंने बताया कि इमरान ही सारे फर्जी दस्तावेज फोटोशाॅप साॅफ्टवेयर की मदद से बनाता था। उसका मोबाइल चेक करने पर व्हाट्सएप पर बातचीत की चैटिंग मिली है। इसमें कई विश्वविद्यालयों के अंकपत्र भी मिले हैं। पूछताछ से मिली जानकारी के मुताबिक, अंगूठे का क्लोन बनाने के लिए आरोपी सात सौ रुपये से दो हजार तक वसूलते थे। साथ ही 10 से 15 हजार रुपये तक लेकर फर्जी मार्कशीट तैयार कर देते थे।

10 हजार में मेडिकल की डिग्री दे देता था इमरान
कोतवाली पुलिस ने महराजगंज के इमरान खान और शाहपुर निवासी श्याम बिहारी गुप्ता को दबोचा है। इसमें इमरान खान फोटोशाॅप कर फर्जी दस्तावेज बनाने का शातिर खिलाड़ी है। यह 10 हजार रुपये में देश की बड़ी-बड़ी यूनिवर्सिटी के मेडिकल की डिग्री और 700 से 1500 रुपये खर्च करने पर अंगूठे का निशान (क्लोन) तैयार कर देता था। 

दोनों आरोपियों से पूछताछ में कई हैरान कर देने वाली जानकारी पुलिस को मिली है।पुलिस को इमरान ने बताया है कि फोटोशाॅप साॅफ्टवेयर की मदद से फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। परिचितों के लिए 100 रुपये में भी डिग्री तैयार कर देता था। एक जयंत नाम का व्यक्ति उसे अक्सर व्हाट्सएप पर सीएमजे यूनिवर्सिटी मेघालय, जेएस यूनिवर्सिटी शिकोहाबाद और बुंदेलखंड विश्वविद्यालय मार्कशीट बनाने का काम दिया करता है। 

इसके अलावा तबरेज नाम का व्यक्ति उसे आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र बनाने के लिए भेजता था, जिसे फोटोशाॅप साॅफ्टवेयर की मदद से स्कैन करके वह तैयार करता था। इमरान के मोबाइल में व्हाट्एसप खोलने पर विभिन्न नंबरों से फर्जी अंकपत्र, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज तैयार करने की चैटिंग मिली है।

इस विश्वविद्यालय के मिले मार्कशीट
दोनों आरोपियों के पास से पुलिस को मेघालय, झांसी व शिकोहाबाद (फिरोजाबाद) विश्वविद्यालय का फर्जी मेडिकल की मार्कशीट मिली है। इसमें चंद्रजीत, जुबैर अख्तर, चंद्रजीत पटेल, शैलेंद्र कुमार, विनय कुमार गुप्ता, सर्वजीत गुप्ता के नाम पर बीएमएस की डिग्री मिली है। साथ ही राधिका चौहान नाम से अंकपत्र व प्रमाण पत्र भी मिला है। 

 

इमरान के किराए के कमरे में 14 कूटरचित मार्कशीट व प्रमाणपत्र, आठ कूटरचित अधूरे अंकपत्र, एक मॉनीटर, एक प्रिंटर, एक डाई कटर मशीन, एक फ्लेक्स एवं पॉलीमर स्टांप एक्सपोजर मशीन, एक सीपीयू, दो इमेज डार्कर लिक्विड, एक वाईफाई राउटर, तीन थ्रीडी फ्रिंगर प्रिंट, एक लेमिनेशन मशीन, दो पॉलीमर स्टांप मशीन की टेपिंग, तीन डुअल साइड पेपर, एक बंडल बैंक शीट, एक मोबाइल, एक पेन ड्राइव व दो टैब सहित अन्य उपकरण बरामद हुआ है।

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने की कार्रवाई
शहर के शाही मार्केट में एक दुकान में अंगूठे का क्लोन बनाने का वीडियो दो दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में एक दुकान पर अगूंठे का क्लोन बनाया जा रहा था। इसके बाद यह कार्रवाई की है। पुलिस के हत्थे चढ़े इमरान ने पूछताछ में बताया कि गणेश चौक पर स्थित ओमप्रकाश पंडित भी इस काम में मदद करता था। 
 

गिरोह पर की जाएगी गैंगस्टर की कार्रवाई
सीओ ओंकार दत्त तिवारी ने बताया कि गिरोह के अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इनके विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को गैंग चार्ट बनाकर भेजा जाएगा। 

जेएस यूनिवर्सिटी के डॉक्टर के पास से मिली थी फर्जी डिग्री
खोराबार पुलिस ने 24 फरवरी को पीएचसी के संविदा डॉ. राजेश कुमार और उसके दोस्त संतकबीरनगर जिले निवासी सुशील कुमार चौधरी को गिरफ्तार किया था। इनके पास से देश के नौ कॉलेजों की 21 मेडिकल की डिग्री मिली थी। इसमें जेएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद जनपद फिरोजाबाद की चार डिग्री थी। इसके अलावा आयुर्वेदिक व यूनानी, तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड उप्र जनपद लखनऊ की दो, आईएफटीएम यूनिवर्सिटी मुरादाबाद की तीन, आईके गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी तीन, राजस्थान के चूरू के ओपीजेएस यूनिवर्सिटी की दो, उत्तर प्रदेश फार्मेसी काउंसिल लखनऊ की एक, कर्नाटका, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मेरठ की यूनिवर्सिटी की सात डिग्रियां मिली थीं। सत्यापन में अभी तक 11 डिग्रियां फर्जी मिल चुकी हैं।

बटर पेपर पर बनाता था मार्कशीट
पुलिस के मुताबिक, इमरान के व्हाट्सएप पर जयंत विभिन्न विश्वविद्यालयों का अंकपत्र भेजता था, जिसे स्कैन कर बटर पेपर पर प्रिंट निकलवाता था। जो हूबहू असली अंकपत्र की तरह दिखता था। इसके अलावा वह हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के अंकपत्र का नंबर भी स्कैन करके बढ़ा देता था। श्याम बिहारी इसके पास काम लेकर आता था। धीरे-धीरे इमरान ने भी अपनी पहचान बना ली थी। इमरान इतना शातिर है कि व्हाट्सएप पर ही वह संदिग्ध लोगों से बातें करता था। पुलिस के मुताबिक, इमरान को काम देने वाला व्यक्ति 10 से 15 हजार रुपये तक लोगों से वसूल करता था। उसके पकड़े जाने पर कई और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं।
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इस तरह तैयार करता था क्लोन
पुलिस के मुताबिक, शाही मार्केट में श्याम विहारी अपनी दुकान चलाता है। उसने बताया कि दुकान पर बहुत से लोग अंगूठे का क्लोन बनवाने आते थे, उनसे 700 से लगाए 1500 रुपये तक में डील तय करता था। इसके बाद उस व्यक्ति का सफेद कागज पर अंगूठे का निशान ले लेता था। पेपर को अपने साथी संदीप शाही की शाही मार्केट स्थित दुकान पर ले जाकर स्कैन कराकर पेनड्राइव में ले लेता था, जिसे हुमायूंपुर उत्तरी में अपने साथी इमरान खान को पहुंचा देता था। इमरान उससे थ्रीडी फिंगर प्रिंट बनाकर ट्रेसिंग पेपर पर प्रिंट निकालता था। इसके बाद फ्लेक्स एवं पॉलीमर स्टांप एक्सपोजर मशीन से अंगूठे का क्लोन बनाता था।
 
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