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UP: राहुल ने जग्गा से सीखा... फिर खुद बन बैठा नकली नोट का सौदागर, पहचानने में बैंककर्मियों के भी छूट गए पसीने

Thu, 24 Aug 2023 09:13 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

गोरखपुर पुलिस ने नकली नोट बनाने की फैक्टरी का पर्दाफाश किया है। वाराणसी के गंगाराम सीट से विधायक रहीं धनेश्वरी देवी का पौत्र राहुल सिंह अपने बेटों अवनीश सिंह, अविनाश, विकास सिंह व बड़हलगंज के चांद मोहम्मद के साथ मिलकर नकली नोट की फैक्टरी चला रहा था। पिछले छह साल से यह धंधा चल रहा था।
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fake currency factory - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नकली नोट के मामले में पकड़ा गया राहुल सिंह देवरिया में गिरोह चलाने वाले जग्गा उर्फ जगरनाथ के साथ मिलकर यह अवैध धंधा चलाता था। जग्गा नकली नोट छापने में माहिर था। राहुल ने साथ रहकर पहले नकली नोट छापना सीखा। जब गगहा इलाके में नौ अक्तूबर 2022 को जग्गा पकड़ा गया तो राहुल यह धंधा करने लगा।
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आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वे मांग के अनुसार नकली नोट छापते थे। पहले से नोट छापकर नहीं रखते थे। क्योंकि इसमें उन्हें पकड़े जाने का डर था। हालांकि, इतनी सजगता के बावजूद पुलिस उन तक पहुंच गई। आरोपियों ने बताया कि जब ग्राहक नोट लेने के लिए तैयार हो जाते थे, तब उतने ही नोट छापते थे। 

पुलिस की जांच में सामने आया है कि नकली नोट के अलावा आरोपी ठगी भी थे। काले कागज के साथ केमिकल बेचते थे। फिर लोगों से कहते थे इस केमिकल को घर जाकर डाल देना नोट बन जाएगा। इसके लिए काले रंग के कागज को 200 रुपये के नोट के साइज में काटकर रखा भी था। इसके लिए एक नोट के बदले 50 रुपये लेते थे।
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आसानी से पकड़ में नहीं आ रहे थे नकली नोट
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि नकली नोट को आसानी से नहीं पकड़ा जा सकता था। बैंक के मशीन में भी नकली नोट पकड़ में नहीं आ रहे थे। चूना लगाने पर भी तत्काल रंग नहीं छोड़ रहा था। 

एसपी साउथ ने बताया कि नौ अक्तूबर 2022 को पुलिस ने देवरिया के गौरीबाजार थाना क्षेत्र के बर्दगोनिया सुदामा चौक निवासी जग्गा उर्फ जगरनाथ और गोरखपुर के गगहा थाना क्षेत्र के गडही निवासी विक्रम जायसवाल को गिरफ्तार किया था। तब यह बात सामने आई थी कि कुछ लोग और इस धंधे में जुड़े हैं। पुलिस जांच कर रही थी, लेकिन हाथ नहीं लगे थे।

ठगी के धंधे को चमकाने में फंस गए धंधेबाज
पुलिस के अनुसार, नकली नोट के धंधे को ये लोग छह साल से चला रहे थे। देवरिया के जग्गा के पकड़े जाने के बाद कुछ दिनों तक धंधा बंद कर दिया था। इस बीच ठगी का धंधा करने लगे थे। ठगी के धंधे को चमकाने के चक्कर में एक वीडियो भी बनाया गया, जिसमें काले रंग के कागज से केमिकल की मदद से नोट बनाने की बात कही गई। उस वीडियो को चांद मोहम्मद ने बनाया था। यह खूब वायरल हुआ था। यही वायरल वीडियो पुलिस के हाथ लगा, जिसके बाद पुलिस उन तक पहुंच पाई।

चूना लगाने पर छूटा नकली नोट का रंग
आरोपियों के पास मिले नकली नोट को पहचानने में पुलिस के साथ बैंककर्मियों के भी पसीने छूट गए। बाद में आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की गई, फिर पता चला नोट पर चूना लगाना पड़ेगा। चूना लगाते ही नोट का रंग छूटने लगेगा। लिहाजा, पुलिस ने चूना मंगाया और नोट पर लगा दिया। कुछ देर बाद नकली नोट से रंग छूटने लगा। पुलिस ने असली नोट पर भी चूना लगाकर देखा, लेकिन रंग नहीं छूटा। हालांकि, असली नोट पर चूना लगाने की मनाही है।

 
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पहले भी पकड़ा गया था मामला
गगहा पुलिस ने पहले भी नकली नोटों के साथ कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मामले की छानबीन हुई थी, लेकिन पुलिस मुख्य आरोपी तक नहीं पहुंच सकी। अब दोबारा मामला सामने आया है। पुलिस का कहना है कि इस बार नकली नोटों से जुड़ी हर कड़ी तक पहुंचने की कोशिश होगी। गिरोह को खत्म किया जाएगा।
 
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