गोरखपुर। पुणे से गोरखपुर आ रहा झंगहा के मीठाबेल गांव में रहने वाले सुनील का 20 दिन बाद भी सुराग नहीं लगा है। जीआरपी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराने के बाद खोजबीन में जुटे परिवार के लोग अनहोनी की आशंका जता रहे हैं। सर्विलांस की मदद से चल रही छानबीन में युवक की आखिरी लोकेशन रेलवे स्टेशन के पास मिली है। ट्रेन से निकलने के बाद वह कहां गया, किससे मिला यह पता नहीं चल पा रहा है।
मीठाबेल, भरटोलया में रहने वाला सुनील राजभर करीब ढाई माह पहले वेल्डर का काम करने पुणे गया था। सात सितंबर को बस से भुसवल पहुंचा। वहां से ट्रेन नंबर 15017 काशी एक्सप्रेस में गोरखपुर आने के लिए बैठा। इसकी जानकारी अपने छोटे भाई बादल को उसने फोन करके दी। नौ सितंबर को परिवार के लोगों से बात हुई तो उसने वाराणसी में होने की जानकारी दी। इसके बाद उसने कहा कि तबीयत खराब हो गई है, किसी ने नशीला पदार्थ सुंघा दिया है। वह गोरखपुर पहुंचने वाला है। परिजन रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए। रात में दो बजे ट्रेन गोरखपुर स्टेशन पहुंची, लेकिन उसका पता नहीं चला। फोन करने पर घंटी बज रही थी, लेकिन किसी ने रिसीव नहीं किया। 11 सितंबर की सुबह उसका मोबाइल फोन बंद बताने लगा। प्रभारी निरीक्षक थाना जीआरपी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि युवक की तलाश चल रही है।