बेतियाहाता स्थित जीवन ज्योति नेत्र चिकित्सालय का मामला
दाउदपुर निवासी महिला के पति ने कैंट थाने में सर्जन पर केस दर्ज कराया
गोरखपुर। दाउदपुर निवासी महिला ने मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराया, इससे दूसरे आंख की रोशनी भी धुंधली हो गई। आरोप है कि फर्जी पैथालॉजी रिपोर्ट बनाकर नेत्र सर्जन ने गलत ऑपरेशन कर खराब लेंस डाले। पीड़ित ने दूसरे डॉक्टरों को दिखाया तो लेंस खराब होने की जानकारी सामने आई, तब उन्होंने कैंट थाने में तहरीर दी। केस न दर्ज होने पर महिला के पति ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। कोर्ट के आदेश पर जीवन ज्याेति अस्पताल की नेत्र सर्जन डॉ. संगीता श्रीवास्तव पर कैंट थाने में केस दर्ज कर लिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, दाउदपुर निवासी अधिवक्ता रामचंद्र सिंह ने केस दर्ज कराया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि पत्नी बिंदु सिंह की आंख में कुछ परेशानी थी। 22 जनवरी 2021 को बेतियाहाता स्थित जीवन ज्योति नेत्र चिकित्सालय में गया था। फीस जमा करने के बाद डॉ. संगीता श्रीवास्तव ने मोतियाबिंद बताते हुए शुगर व अन्य जांच कराई। फिर बताया कि जांच नार्मल है और इसका तत्काल ऑपरेशन कराना ही उपचार है।
उनकी बातों पर विश्वास कर 30 हजार लेंस और अन्य चार्ज जमा कर दिए। ऑपरेशन के बाद शाम में डिस्चार्ज कर दिया गया, तब पत्नी ने दोनों आंख से साफ नजर न आने की बात कही। इस पर सर्जन ने दवा लिखी। कई दिन बाद भी साफ नहीं नजर आया तो फिर अस्पताल गया। तब डॉक्टर ने चश्मा लगा दिया।
इसके बाद भी कोई सुधार नहीं होने पर न्यूरो के डॉक्टर को दिखाने को कहा। न्यूरो के डॉक्टर ने एमआरआई कराई। रिपोर्ट के बाद सब ठीक होना बताया गया और डॉक्टर ने कहा कि लेंस गलत है। इसके बाद कई और डॉक्टर के पास जाने पर यही बात पता चली। फिर डॉ. संगीता से संपर्क करने पर वह अभद्रता करने लगीं।
वर्जन
मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया था। इसके बाद महिला को अच्छा दिखने लगा था। बाद में न्यूरो की दिक्कत की वजह से उन्हें कुछ देखने में परेशानी आई। मैंने कहा कि न्यूरो के डॉक्टर को दिखा लीजिए। डॉक्टर के देखने के बाद सुधार भी हुआ। परेशान करने की नियत से कई बार आकर क्लिनिक पर आकर उन लोगों ने शाेरशराबा भी किया था। सीएमओ ऑफिस से भी जांच कर रिपोर्ट तैयार की गई, जो मेरे पक्ष में ही थी। इसके बाद भी लगातार ये लोग परेशान करने के लिए कुछ ना कुछ कर रहे हैं।
-डॉ. संगीता श्रीवास्तव, नेत्र सर्जन