एमएमएमयूटी का 10 वां दीक्षांत समारोह, 1473 विद्यार्थियों को मिली डिग्री और उपाधि, 21 टॉपर्स को मिले 45 स्वर्ण पदक
डिग्री और उपाधि पाने वालों में 1089 छात्र और 384 छात्राएं शामिल
बीफार्म की मृडानी त्रिपाठी, बीबीए की ऋद्धि वैश्य और एमटेक की अर्चना आनंद को मिले कुलाधिपति पदक
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का 10वां दीक्षांत समारोह मंगलवार को संपन्न हो गया। इसमें कुल 1473 छात्र-छात्राओं और शोधार्थियों को डिग्री और उपाधि प्रदान की गई। साथ ही कुल 21 टॉपर्स को कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने 45 स्वर्ण पदक प्रदान किए। बीफार्म की मृडानी त्रिपाठी, बीबीए की ऋद्धि वैश्य और एमटेक वीएलएसआई (इलेक्ट्रॉनिक्स) की अर्चना आनंद को कुलाधिपति पदक प्राप्त हुए।
समारोह के दौरान मुख्य अतिथि इसरो के चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन को डॉक्टर ऑफ साइंस (डीएससी) की मानद उपाधि प्रदान की गई। इसके अलावा बीटेक के कुल 1064 छात्र-छात्राओं को डिग्री प्रदान की गई। इनमें सिविल के 179, कंप्यूटर साइंस के 186, इलेक्ट्रिकल के 181, इलेक्ट्रॉनिक्स के 178, मैकेनिकल के 163, केमिकल के 88 और आईटी के 89 छात्र शामिल थे।
इसके अलावा बीबीए के 70, बीफार्म के 65, एमटेक के 47, एमबीए के 72, एमसीए के 68, एमएससी के 44 छात्र-छात्राओं को डिग्री प्रदान की गई। कुल 44 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। डिग्री और उपाधि पाने वालों में 1089 छात्र और 384 छात्राएं रहीं। मेधावियों को तीन कुलाधिपति पदक, 19 कुलपति पदक और 23 प्रायोजित स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। विभिन्न पाठ्यक्रमों में द्वितीय और तृतीय स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को रैंक सर्टिफिकेट प्रदान किए गए।
इससे पूर्व पूर्वाह्न 11:27 बजे शैक्षणिक शोभायात्रा बहुउद्देश्यीय सभागार में पहुंची। कुलाधिपति की तरफ से औपचारिक घोषणा के बाद दीक्षांत समारोह की शुरुआत हुई। कुलाधिपति ने बटन दबाकर अंकपत्र और डिग्रियां डिजिलॉकर पर अपलोड किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के मत्स्य विभाग के मंत्री डॉ. संजय निषाद मंचासीन रहे। तीन या अधिक पदक विजेताओं को माता-पिता के साथ मंच पर सम्मानित होने का मौका मिला।
संचालन प्रो. बीके पांडेय और डॉ. अंजली सिंह ने किया। कुलसचिव सीपी प्रियदर्शी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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पहली बार बीटेक टॉपर को नहीं मिला चांसलर मेडल
एमएमएमयूटी में अब तक एकमात्र कुलाधिपति पदक पर बीटेक का एकाधिकार था। इस सत्र से तीन कुलाधिपति स्वर्ण पदक कर दिए गए थे। अब तक बीटेक को मिलने वाला कुलाधिपति पदक स्नातक चार वर्षीय पाठ्यक्रम के लिए स्वीकृत कर दिया गया। स्नातक चार वर्षीय पाठ्यक्रम में बीफार्म की पहले बैच की छात्रा मृडानी त्रिपाठी को सर्वाधिक अंक हासिल करने पर कुलाधिपति पदक मिला। तीनों कुलाधिपति पदक इस बार छात्राओं को मिले हैं।
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दिव्यांश तिवारी बीटेक के ओवरऑल टॉपर
बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के टॉपर दिव्यांश तिवारी बीटेक के ओवरऑल टॉपर बने हैं। उन्हें बीटेक में कुल 9.35 सीजीपीए प्राप्त हुआ था। दिव्यांश को ओवरऑल टॉपर बनने पर कुलपति पदक के साथ ही चार स्मृति पदक भी कुलाधिपति ने प्रदान किए। छात्राओं में बीटेक में कंप्यूटर साइंस की ही आस्था सिंह सचान ओवरऑल टॉपर बनी हैं। उन्हें 9.16 सीजीपीए प्राप्त हुआ है।
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पत्रिका मालविका, प्रवाह, कार्विंग्स एवं टायरेशिया का विमोचन
कुलाधिपति व अन्य अतिथियों ने छात्रों की पत्रिका मालविका, प्रवाह, कार्विंग्स एवं टायरेशिया का विमोचन किया। इस मौके पर प्रो. बीके पांडेय, डॉ. सुधीर नारायण सिंह, डॉ. सोनिया भट्ट, डॉ. प्रियंका राय, डॉ. जावेद, डॉ. मिलिंद राज आनंद, प्रो. बीएल गोले, प्रो. वीके गिरि, डॉ. शेखर यादव व डॉ नीतेश तिवारी की पुस्तकों का विमोचन किया गया।
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चार शिक्षकों को टीचिंग एक्सीलेंस अवार्ड
कुलाधिपति ने चार शिक्षकों को उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान के लिए टीचर्स एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया। इनमें भौतिकी के प्रो. बीके पांडेय व प्रो. डीके द्विवेदी, केमिस्ट्री के प्रो. राजेश कुमार यादव और कंप्यूटर साइंस के प्रो. राकेश कुुमार शामिल रहे।
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प्राथमिक विद्यालयों के चार छात्र-छात्राएं हुए पुरस्कृत
विश्वविद्यालय की तरफ से गोद लिए चार गांवों के विद्यार्थियों के बीच बीते दिनों विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। इसके विजेताओं को कुलाधिपति ने मंच से पुरस्कृत किया। पुरस्कृत होने वालों में अवनीश, जंगल डुमरी (चित्रकला), इलमा खान, डुमरी खुर्द, (गायन) कावेरी यादव डुमरी खुर्द (100 मीटर दौड़), सुहानी, तरकुलही (भाषण) को पुरस्कृत किया गया। इस मौके पर सुहानी ने देशभक्ति का भाषण प्रस्तुत किया, जिस पर पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस मौके पर स्कूली छात्र-छात्राओं ने पर्यावरण गीत प्रस्तुत किया। कुलाधिपति ने राजभवन की ओर से गोद लिए गांवों के विद्यालयों को 501 पुस्तकें भेंट कीं।
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300 आंगनबड़ी केंद्रों को प्रदान किया किट
कुशीनगर की 300 आंगनबाड़ी केंद्रों को किट उपलब्ध कराए गए। कुशीनगर जिला प्रशासन की तरफ से यह किट प्रदान किए गए थे। मंच से कुलाधिपति ने 10 आंगनबाड़ी केंद्रों को किट वितरित किया। इस दौरान कुशीनगर की सीडीओ गूंजन द्विवेदी भी मौजूद रहीं।
एमएमएमयूटी में पावरग्रिड बनवाएगा 144 बेड की क्षमता का महिला छात्रावास
- दीक्षांत समारोह में हुआ एमओयू, 13.66 करोड़ रुपये की आएगी लागत
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। एमएमएमयूटी परिसर में 144 बेड की क्षमता वाले महिला छात्रावास के निर्माण के लिए मंगलवार को समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर पावरग्रिड की ओर से महाप्रबंधक (गोरखपुर) डीपी सिंह तथा विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव ने हस्ताक्षर किए। यह एमओयू दीक्षांत समारोह के दौरान हुआ।
महिला छात्रावास की कुल लागत 13.66 करोड़ रुपये है। इसकी मदद से विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं को आवास सुविधा का लाभ मिलेगा। इस परियोजना से विश्वविद्यालय परिसर के बाहर रहने वाली छात्राओं के जीवनयापन की लागत में कमी आएगी तथा परिसर में आवासीय व्यवस्था होने से समय की बचत होगी। बेहतर आवासीय सुविधा से छात्राओं का सर्वांगीण विकास होगा जिससे उनकी दक्षता में वृद्धि होगी। इसका नाम ‘पॉवरग्रिड गर्ल्स हॉस्टल’ होगा।
कार्यपालक निदेशक युगेश कुमार दीक्षित ने बताया कि पावरग्रिड (उत्तरी क्षेत्र-3) अपनी सीएसआर पहल के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में 30 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का क्रियान्वयन करवा रहा है। पावरग्रिड पिछले पांच वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में करीब 200 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूर्ण कर चुका है।