ग्रीन वुड अपार्टमेंट निर्माण के दौरान बगल के नौ घरों की दीवार में आ गई है दरारें
विशेषज्ञों की टीम ने किया मौके का निरीक्षण, पानी निकालने से दरार आने की है आशंका
दीवारों पर जीडीए की तरफ से लगवाई जाएगी शीशे की पट्टी
गोरखपुर। ग्रीन वुड अपार्टमेंट के लिए जमीन से पानी निकालने की वजह से ही बगल के नौ घरों की दीवारों पर दरार आने की आशंका है। इसीलिए दिल्ली से आए विशेषज्ञ की राय के बाद जीडीए ने फिलहाल अपार्टमेंट के निर्माण के लिए परिसर में किनारों से पानी निकालने पर रोक लगा दी है। इसके अलावा बेसमेंट के लिए खोदाई भी पहले रिटेंसन वॉल (सुरक्षा दीवार) बनाने के बाद ही होगी। जिन घरों की दीवारों पर दरारें दिख रही हैं, उस पर भी शीशे की पट्टी लगाई जाएगी। इससे कि अगर दरारें बढ़ती हैं तो उसकी पहचान कर अन्य सुरक्षात्मक उपाय किए जा सकें। जीडीए के इस कदम से प्रभावित मकान मालिकों ने राहत की सांस ली है।
तारामंडल इलाके में ग्रीन वुड अपार्टमेंट का निर्माण प्रस्तावित है। इस बहुमंजिला इमारत के निर्माण के लिए अभी कार्यस्थल पर जमीन के नीचे से पानी निकालकर मिट्टी को सूखा बनाया जा रहा है। इस कार्य की वजह से चार दिन पहले रास्ते पर मिट्टी में हल्की दरार दिखने लगी थीं। बुधवार को कुछ लोगों के मकान के बाहरी हिस्से की दीवारों में दरार दिखने लगी। मकान मालिक राजमंगल सिंह, वकील त्रिपाठी, अवधेश सिंह, रमेश चंद, विभा दुबे, नरेंद्र सिंह तोमर, अमर पाल सिंह आदि ने जीडीए वीसी से मिलकर अपनी समस्या बताई थी।
रिटेंशन वॉल से होगी सुरक्षा, बीच से निकाला जाएगा पानी
दिल्ली से आए आर्किटेक्ट पीयूष श्रीवास्तव और गोरखपुर के आर्किटेक्ट नीरज गौतम को साथ लेकर प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह शुक्रवार की दोपहर में मौके पर पहुंचे। जिन घरों की दीवार में दरार दिख रहा है, उनके मालिकों को बुलाया गया। बातचीत के दौरान लोगों ने बताया जब से पानी निकालने का काम शुरू हुआ है, तभी से यह दिक्कत आई है। इन विशेषज्ञों ने पानी निकालने के लिए हुए बोरिंग व घरों की दूरी आदि का मापन करने के बाद बताया कि इस इलाके में पानी का लेवल ऊपर है। संभव है कि बोरिंग से अधिक पानी निकाले जाने की वजह से नीचे जमीन खिसकी होगी, जिसकी वजह से ये दरार आई है। इसके अलावा बेसमेंट के लिए हो रही खोदाई को भी देखा गया। विशेषज्ञों की राय थी कि खोदाई से पहले सुरक्षात्मक दीवार बनाया जाना जरूरी है। ताकि भविष्य में दुर्घटना की संभावना न रहे।
दरार पर नजर रखेगा ग्लास स्ट्रिप
जिन घरों की दीवारों पर दरारें दिख रही हैं, उन पर जीडीए की तरफ से शीशे की पट्टी लगाई जाएगी। इसके लिए ठेकेदार को निर्देश भी दे दिया गया है। शनिवार से ही इसे लगाने का काम भी शुरू हो जाएगा। प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह ने बताया कि पट्टी लगाने का फायदा यह होगा कि अगर दरारें चौड़ी होंगी तो उस पर लगा शीशा टूट जाएगा। इससे इस बात का पता चल सकेगा कि मिट्टी धसकना रुक गया है या अभी भी खतरा बढ़ रहा है। इससे सुरक्षा को लेकर भविष्य की कार्रवाई में भी आसानी रहेगी।
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वर्जन
लोगों की शिकायत पर एक दिन पहले ही जांच कर पानी की निकासी और खोदाई का काम रोक दिया गया था। शुक्रवार को स्वतंत्र विशेषज्ञों को बुलाकर वस्तु स्थिति की जानकारी ली गई। उनके सुझाव पर कार्रवाई हो रही है। अपार्टमेंट निर्माण से अगल-बगल के घरों को कोई क्षति न पहुंचे, इसका पूरा ख्याल रखा जाएगा। सुरक्षा के लिए जो भी जरूरी होगा, वह किया जाएगा।
आनंद वर्द्धन, वीसी-जीडीए
-फोटो 58 : कार्यक्रम का शुभारंभ करते मुख्यातिथि डॉ. राजेश कुमार व साथ मौजूद प्राचार्य। स्रोत कॉ