लोकसभा चुनाव में संसदीय क्षेत्र संत कबीरनगर के लिए खजनी विधानसभा क्षेत्र में भी शनिवार को वोट डाले गए। इस विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम 48.14 फीसदी मतदान हुआ। जबकि, 2019 में 52.20 प्रतिशत मतदान हुआ था। वहीं, संत कबीर नगर जिले की आलापुर 58.60, धनघटा 53.72, खलीलाबाद 52.09 और मेंहदावल में 51.52 प्रतिशत मतदान हुआ।
लोकसभा चुनाव में संसदीय क्षेत्र संत कबीरनगर के लिए खजनी विधानसभा क्षेत्र में भी शनिवार को वोट डाले गए। इस विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम 48.14 फीसदी मतदान हुआ। जबकि, 2019 में यहां 52.20 फीसदी लोगों ने मताधिकार का प्रयोग किया था।
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उधर, सहसीं गांव में कंपोजिट स्कूल में बने मतदान केंद्र पर भाजपा प्रत्याशी ईं. प्रवीण निषाद के छोटे भाई विधायक सरवन निषाद मतदाताओं को बहलाने-फुसलाने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन मतदान केंद्र के बाहर धरने पर बैठ गए। अधिकारियों ने जांच का आश्वासन देकर समझा-बुझाकर शांत कराया।
मतदान केंद्र पर डीएम, एसएसपी और एसडीएम खजनी मतदान की जानकारी ले निरीक्षण करते दिखे
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दोपहर एक बजे तक खजनी में मतदाताओं ने मतदान को लेकर उत्सुकता दिखाई। यहां 34 फीसदी मतदान हो गया था, लेकिन इसके बाद बूथों पर सन्नाटा पसर गया। शाम चार बजे के बाद कुछ मतदाता निकले तब जाकर वोट का ग्राफ बढ़ पाया।
उधर, कमिश्रर अनिल ढींगरा, डीएम कृष्ण करुणेश और एसएसपी डाॅ. गौरव ग्रोवर ने सरया तिवारी, सहसीं सहित खजनी के कई मतदान केंद्रों पर जाकर मतदान और व्यवस्था की जानकारी ली। खजनी विधानसभा क्षेत्र 291 मतदान केंद्रों के 407 बूथों पर हुए मतदान में 10 माॅडल बूथ बनाए गए थे।
रुद्रपुर, खजनी मतदान केंद्र पर पिंक बूथ बना, जहां महिला मतदानकर्मी और सुरक्षाकर्मियों ने कमान संभाली। कम मतदान के पीछे कुछ जगहों पर मतदाताओं की नाराजगी भी बताई गई।
खजनी विधानसभा क्षेत्र का एक पोलिंग बूथ. सुबह से लेकर शाम मतदाता सुस्त दिखे
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उधर, शाम 4.30 बजे सहसी बूथ पर भाजपा प्रत्याशी ईं. प्रवीण निषाद के छोटे भाई विधायक सरवन निषाद पहुंचे। मतदान केंद्र पर मतदाताओं को बहलाने-फुसलाने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन मतदान केंद्र के बाहर धरने पर बैठ गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान प्रतिनिधि की मतदाताओं को बहला-फुसलाकर मतदान को प्रभावित कर रहे हैं। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे एसडीएम शिवम सिंह और थानाध्यक्ष गौरव आर कन्नौजिया मौके पर पहुंचे और पीठासीन अधिकारी से घटना की जानकारी ली। मतदान केंद्र के बाहर धरने पर बैठे श्रवण निषाद को अधिकारियों ने जांच का आश्वासन देकर समझा-बुझाकर शांत कराया।