एमजीयूजी में आयोजित कार्यक्रम में बोले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
गोरखपुर। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय (एमजीयूजी) में रविवार को आयोजित कार्यशाला में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को पूर्वजों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताया। कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वालों का सपना था कि भारत विश्व की ताकत बने और आज उसी दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान के बाद विकसित भारत के लिए आवाज उठाने की शुरुआत सबसे पहले उत्तर प्रदेश ने की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगस्त में विधानमंडल में लगातार 24 घंटे चली चर्चा ने यह साबित किया कि विधायक और विधान परिषद सदस्य जनता की आकांक्षाओं पर गंभीरता से काम कर रहे हैं। अब इस विचार को धरातल पर उतारने के लिए जनता से सुझाव लिए जा रहे हैं। इसके लिए सेवानिवृत्त आईएएस, कुलपति, चिकित्सक, शिक्षक और उद्यमियों सहित 300 से अधिक बुद्धिजीवियों को प्रदेशभर में भेजा गया है। अब तक 110 से अधिक शिक्षण संस्थानों में जाकर संवाद किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से दिए गए पंच प्रण और 9 संकल्प दैनिक जीवन का हिस्सा बन सकते हैं। जल व पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और आत्मनिर्भरता जैसे संकल्पों को अपनाने से समाज व राष्ट्र मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के कारण ही पूर्वी यूपी में इंसेफेलाइटिस का खात्मा हुआ।
सीएम ने भारत की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के पास चार धाम, 12 ज्योतिर्लिंग, 51 शक्ति पीठ जैसे धार्मिक पर्यटन स्थल हैं। यह धरोहर न सिर्फ आस्था बल्कि अर्थव्यवस्था को भी गति देती है। रामायण के उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भगवान राम का चरित्र आज भी राष्ट्रीय जीवन के आदर्श हैं।
योगी ने कहा कि भारत को विकसित बनाने के लिए यूपी का विकसित होना जरूरी है। उन्होंने ओडीओपी योजना को प्रदेश की अर्थव्यवस्था का गेम चेंजर बताया। आज 96 लाख एमएसएमई इकाइयां काम कर रही हैं और यूपी से 2 लाख करोड़ रुपये का निर्यात हो रहा है। उन्होंने कहा कि अब दीपावली पर चीन का सामान बाजार से बाहर है और स्थानीय कुम्हारों की दीयों ने बाजार पर कब्जा किया है।
मुख्यमंत्री ने कृषि सुधारों का जिक्र करते हुए बताया कि सिंचाई योजनाओं, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और गन्ना किसानों को डीबीटी के जरिए भुगतान ने खेती को मजबूती दी है। गोरखपुर के विकास की यात्रा साझा करते हुए उन्होंने कहा कि जहां पहले केवल एक विश्वविद्यालय और बीआरडी मेडिकल कॉलेज था, वहीं आज चार विश्वविद्यालय और एम्स जैसी संस्थाएं हैं।
कनेक्टिविटी पर उन्होंने कहा कि 2017 तक साढ़े एक एक्सप्रेसवे था, अब आठ चालू हैं और छह पर काम चल रहा है। जेवर एयरपोर्ट देश का सबसे बड़ा हब बनेगा। इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग में यूपी का योगदान 60 प्रतिशत तक पहुंच चुका है।
योगी ने कहा कि यूपी 2029-30 तक एक ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनेगा। इसके लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जा रहा है, जिसमें जनता से सुझाव लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति योग्य है और एक योजक की भूमिका निभा सकता है। सर्वश्रेष्ठ सुझावों को सम्मानित किया जाएगा।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुरिंदर सिंह ने कहा कि योगी के नेतृत्व में यूपी सुरक्षा, सुशासन, निवेश और विकास के क्षेत्र में पूरे देश का रोल मॉडल बन चुका है।