फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: महिला ढाबा संचालक से लूटपाट के आरोपी चाचा-भतीजा मुठभेड़ में गिरफ्तार

विज्ञापन
गीडा मुठभेड़ में घायल चाचा भतीजा (स्रोत पुलिस)
विज्ञापन
दोनों के पैर में लगी गोली, सिद्धार्थनगर में किराए के मकान में रहकर करते थे लूटपाट
विज्ञापन




बृहस्पतिवार रात पानी लेने के बहाने पहुंचे बदमाशों ने तमंचा दिखाकर लूट ली थी चेन और मोबाइल



गोरखपुर। गीडा पुलिस ने कालेसर जीरो पॉइंट के पास स्थित महिला ढाबा संचालक सुमित्रा को तमंचा दिखाकर लूटपाट के आरोपी चाचा-भतीजा को शुक्रवार देर रात मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। थाना क्षेत्र के देईयापार मोड़ पर जवाबी फायरिंग में दोनों के पैर में गोली लगी है। दोनों की पहचान औरैया के नारायनपुर निवासी अश्वनी कुमार और उसके भतीजे शिवा के रूप में हुई। पुलिस ने दोनों का उपचार कराकर जेल भिजवा दिया।



एसपी नार्थ जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मूलरूप से देवरिया जिले की निवासी सुमित्रा तिवारी कालेसर जीरो पॉइंट के पास ढाबा चलाती हैं। बृहस्पतिवार रात सुमित्रा ढाबे के बाहर कुर्सी पर बैठी थीं। इसी दौरान बाइक सवार चाचा-भतीजा पहुंचे। इसके बाद सुमित्रा की बेटी से पानी का बोतल लेकर 20 रुपये दिए। जाते वक्त सुमित्रा की कनपटी पर तमंचा तान कर सोने की चेन व मोबाइल लूटकर भाग गए। पुलिस मामले में केस दर्ज कर उनकी तलाश में जुटी थी।
विज्ञापन




शुक्रवार देर रात मुखबिर से सूचना मिली कि बाइक सवार दो बदमाश लूटपाट के इरादे से गीडा थानाक्षेत्र में आए हैं। इस पर टीम ने देईयापार मोड़ पर घेराबंदी शुरू कर दी। पुलिस टीम को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लग गई। दोनों वहीं पर गिर गए। पुलिस ने दोनों को दबोच लिया।
विज्ञापन




पूछताछ में दोनों की पहचान मूल रूप से औरैया के नारायनपुर निवासी अश्वनी कुमार व उसके भतीजे शिवा के रूप में हुई है। वे वर्तमान में सिद्धार्थनगर के बांसी में किराए के मकान में रहते हैं। अश्वनी के दाहिने और शिवा के बाएं पैर में गोली लगी है। पुलिस ने उनके पास से लूट का मोबाइल, सोने की चेन, तमंचा, कारतूस व वारदात में प्रयुक्त बाइक बरामद की है।



एसपी नार्थ जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों का प्राथमिक उपचार कराने के बाद कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें