गोरखपुर चिड़ियाघर के मुख्य वन्यजीव चिकित्सक डॉ. योगेश भी शामिल
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के दो वन्यजीव चिकित्सकों को गुजरात के जामनगर स्थित वनतारा रेस्क्यू सेंटर भेजा गया है। इनमें गोरखपुर प्राणी उद्यान के डॉ. योगेश प्रताप सिंह और इटावा लायन सफारी के चिकित्सक डॉ. शैलेंद्र सिंह शामिल हैं।
ये दोनों चिकित्सक चार दिन तक वनतारा में रहकर वहां की व्यवस्थाओं का अध्ययन करेंगे और लौटकर शासन को रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद अपने-अपने चिड़ियाघरों में आवश्यकतानुसार बदलाव कर उन्हें और बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे। तीन एकड़ में फैला वनतारा रेस्क्यू सेंटर देश के सबसे बड़े केंद्रों में से एक है। वहां पर रेस्क्यू किए गए हाथी, शेर, बाघ, भालू समेत विभिन्न वन्यजीवों को प्राणी उद्यान के बीच जंगल जैसा प्राकृतिक माहौल दिया गया है। इनकी देखभाल विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा की जाती है।
डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि भ्रमण के दौरान उन्होंने हाथी, शेर, बाघ और भालू के बाड़े का निरीक्षण किया। सभी बाड़ों को वन्यजीवों की संख्या और उनकी आवश्यकताओं के अनुसार बनाया गया है। यहां उन्हें प्राकृतिक वातावरण उपलब्ध कराए जाने से जानवरों को किसी तरह की असुविधा नहीं होती और वे आराम से विचरण करते हैं। इस अनुभव से गोरखपुर प्राणी उद्यान और इटावा लायन सफारी की व्यवस्थाओं को और व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।