एमएमएमयूटी में प्रबंध बोर्ड की बैठक में लिया गया अहम निर्णय
दीक्षांत के मुख्य अतिथि इसरो के अध्यक्ष को मानद उपाधि दिए जाने को भी मिली मंजूरी
बीटेक का एकाधिकार खत्म, इस बार यूजी में बीबीए और बीफार्म टॉपर्स को चांसलर मेडल
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह में अब तीन वर्गों में टॉपर्स को कुलाधिपति स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। स्नातक में दो और परास्नातक में एक टॉपर को यह पदक प्रदान किए जाएंगे। बुधवार को प्रबंध बोर्ड की बैठक में इसे मंजूरी दे दी गई। प्रबंध बोर्ड की बैठक में अन्य भी कई अहम निर्णय लिए गए।
एमएमएमयूटी में पिछले वर्ष तक एक ही कुलाधिपति स्वर्ण पदक दिया जाता था। उस पर बीटेक के ओवरऑल टॉपर का एकाधिकार था। इस सत्र से परास्नातक के ओवरऑल टॉपर को भी चांसलर गोल्ड मेडल दिए जाने की योजना बनी थी। यह एजेंडा बुधवार को प्रबंध बोर्ड की बैठक में रखा गया। वहां निर्णय लिया गया कि स्नातक तीन वर्षीय पाठ्यक्रम में भी कुलाधिपति पदक प्रदान किया जाए। इसके अलावा चार वर्षीय पाठ्यक्रमों में एक चांसलर मेडल दिया जाएगा। चार वर्षीय पाठ्यक्रमों में बीटेक के साथ ही बीफार्म का भी संचालन होता है। यानी बीटेक और बीफार्म में जिस छात्र को अधिक अंक मिलेंगे, चांसलर मेडल उसी को मिलेगा। तीसरा कुलाधिपति पदक दो वर्षीय पीजी कोर्स (एमएससी- एमटेक) के टॉपर को दिया जाएगा।
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इस वर्ष बीबीए और बीफार्म टॉपर को चांसलर मेडल
एमएमएमयूटी में तीन वर्षीय पाठ्यक्रम के रूप में फिलहाल सिर्फ बीबीए का संचालन होता है। इस तरह बीबीए टॉपर को हर वर्ष एक चांसलर मेडल मिलने का रास्ता साफ हो गया। अंनतिम सूची के मुताबिक, इस वर्ष यूजी में दूसरा चांसलर मेडल बीफार्म के टॉपर को मिलेगा।
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इसरो अध्यक्ष को मानद उपाधि की मंजूरी
इसरो उपाध्यक्ष डॉ वी नारायणन 26 अगस्त को आयोजित दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। एमएमएमयूटी की तरफ से उन्हें डॉक्टर ऑफ साइंस (डीएससी) की मानद उपाधि से विभूषित करेगा। प्रबंध बोर्ड ने इसकी मंजूरी दे दी। डॉ नारायणन मानद उपाधि से विभूषित किए जाने वाले चौथे व्यक्ति होंगे।
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शिक्षकों के संविदा पदों पर लागू होगा
संविदा के आधार पर एसोसिएट प्रोफेसर एवं असिस्टेंट प्रोफेसर के सृजित पदों पर आरक्षण लागू किए जाने के लिए विश्वविद्यालय की तरफ से गठित रोस्टर समिति की अनुशंसाओं एवं रोस्टर के आधार पर वर्गवार पदों के वितरण को अनुमति भी प्रबंध बोर्ड ने दे दी। इसके अलावा दीवानी कचहरी के अधिवक्ता क्षितिज उपाध्याय को अनुबंध के आधार पर विधि अधिकारी बनाया गया है।