- नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में उठाए गए कई मुद्दे
- अंसारी रोड और दिग्विजयनगर काॅलोनी में जलभराव को लेकर मेयर करेंगे कमिश्नर से वार्ता
गोरखपुर। नामांतरण के मामलों को 45 दिन के भीतर निस्तारित करना होगा। इसमें लापरवाही पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, नामांतरण विभाग में तीन साल से काम कर रहे कर्मचारियों का जोन बदला जाएगा। मंगलवार को नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
नगर निगम के सभागार में मेयर डाॅ. मंगलेश श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई कार्यकारिणी समिति की बैठक में सदस्य जियाउल इस्लाम ने नामांतरण संबंधित मुद्दा उठाया। नामांतरण के मामलों में देरी पर चर्चा के बाद निर्णय लिया गया कि जिन मामलों में आपत्ति नहीं है, उन्हें 45 दिन के अंतर्गत निस्तारित करना होगा। वहीं, जिन मामले में किसी तरह की आपत्ति है उनमें हर हाल में तीन से चार दिन में नोटिस देना होगा। नोटिस में संबंधित व्यक्ति के मोबाइल नंबर के अलावा व्हाट्सएप नंबर का भी जिक्र करना होगा। इस इस दौरान जियाउल इस्लाम ने संपत्ति कर पर ब्याज लगाए जाने का मुद्दा उठाया। हालांकि, इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया जा सका। बैठक में नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा तीन साल से कार्यरत कर्मचारियों का जोन बदला जाएगा।
दो जेई के खिलाफ होगी कार्रवाई
राप्तीनगर वार्ड की पार्षद पूनम सिंह ने कान्हा उपवन में गोवंशीय पशुओं की मृत्यु का मामला उठाया। कहा कि कान्हा उपवन में रोजाना तीन से चार गोवंशीय पशुओं की मृत्यु हो रही है। हालांकि, नगर आयुक्त ने इसे पूरी तरह से खारिज कर दिया और कहा कि पार्षदों की कमेटी बनाकर कान्हा उपवन का दौरा कराया जाएगा। बैठक के दौरान 15वें वित्त से टाइड योजना की स्वीकृति के तरीके पर भी आपत्ति की गई। कहा गया कि इस योजना में जनप्रतिनिधियों के द्वारा दिए गए प्रस्तावों को ही स्वीकृत किया जाता है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। निर्णय लिया गया कि टाइड योजना के पूर्व प्रस्तावों को स्थगित कर जनप्रतिनिधियों से प्रस्ताव लेकर स्वीकृति दी जाएगी। वहीं, पार्षद वरीयता के कुल 51 लाख रुपये के प्रस्ताव में से फिर से 20 लाख रुपये के प्रस्ताव मांगने पर सहमति जताई गई। बैठक में अवर अभियंता अतुल कुमार और अभय सोनकर के खिलाफ कार्रवाई पर भी नगर आयुक्त ने स्वीकृति दी। कार्यकारिणी सदस्य मंजूला रावत और ऋषि मोहन वर्मा ने लोक निर्माण विभाग के द्वारा नाला निर्माण की वजह से अंसारी रोड और दिग्विजयनगर काॅलोनी में जलभराव और सड़कों पर गड्ढा होने का मामला उठाया। निर्णय लिया गया कि मेयर इस मामले में कमिश्नर से वार्ता का समस्या का समाधान निकालेंगे। बैठक में अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, निरंकार सिंह, प्रमोद कुमार, मुख्य अभियंता अमित कुमार शर्मा आदि मौजूद रहे।