सुथनी में निर्माणाधीन गोरखपुर इंटीग्रेटेड गारबेज सिटी में चल रहा है ट्रायल
गोरखपुर। सुथनी में निर्माणाधीन गोरखपुर इंटीग्रेटेड गारबेज सिटी में 500 टन प्रतिदिन की क्षमता के प्लांट से ट्रायल के दौरान 3800 से 4100 कैलोरी प्रति किग्रा ऊष्मा मान का हरित चारकोल का उत्पादन किया गया। बुधवार से चल रहे ट्रायल के दौरान महानगर से निकलने वाले तीन टन अपशिष्ट से एक टन टॉरेफाइड चारकोल का उत्पादन हुआ।
मिश्रित कचरा से हरित कोयला बनाने का देश का पहला प्लांट एनटीपीसी वाराणसी में संचालित कर रहा है। देश और सूबे का दूसरा प्लांट सुथनी के 40 एकड़ के इंटीग्रेटेड वेस्ट मैनेजमेंट सिटी में 15 एकड़ में लगाया जा रहा है। पिछले कई महीने से चल रहे ट्रायल के सिलसिले में एक और दौर बुधवार की दोपहर से शुरू हुआ था। चारकोल के उत्पादन के लिए रिएक्टर सेल का लोड के साथ ट्रायल शुरू कर टॉरेफाइड पद्धति से हरित चारकोल का उत्पादन किया गया।
एनटीपीसी के उप महाप्रबंधक आशीष रंजन, नगर निगम के अवर अभियंता सुलेख यादव, एनटीपीसी के प्रोजेक्ट मैनेजर अखण्ड प्रताप सिंह और साइट इंचार्ज पीएसई राजकुमार गुप्ता, विनय सिंह और कपिल ने ट्रायल का जायजा लिया।