पिछले सप्ताह दिल्ली से आई विशेषज्ञ समिति ने भेजी रिपोर्ट, अब सिंचाई विभाग को प्रस्ताव भेजेगी एनएचएआई
गोरखपुर। वाराणसी फोरलेन हाईवे के बड़हलगंज-नई बाजार पुल को बचाने के लिए सरयू नदी की धारा को सीधा करना पड़ेगा। इसके लिए नदी की ड्रेजिंग के अलावा पुल के एप्रोच के पास बोल्डर पिचिंग भी करानी होगी। एनएचएआई के दिल्ली से आए अफसरों की विशेषज्ञ कमेटी ने ऐसा सुझाव दिया है। इसके लिए एनएचएआई की तरफ से सिंचाई विभाग को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
इससे पहले लिंक एक्सप्रेस-वे के कम्हरिया घाट पर भी ऐसी स्थिति आई थी। वहां सिंचाई विभाग 200 करोड़ रुपये की लागत से धारा को मोड़ने के लिए कार्य करा रहा है।
गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन पर बड़हलगंज में कुरांव से मऊ जनपद के नई बाजार (दोहरीघाट) तक 12 किमी लंबा बाईपास बनाया गया है। इस पर सरयू नदी पर 1250 मीटर लंबा पुल बना है। करीब 15 दिन पहले सरयू नदी की धारा बड़हलगंज की तरफ से पुल के छठें पिलर के पास मुड़ने लगी। नदी का पानी पुल के एप्रोच के नजदीक आ गया। वहीं धारा मुड़ने से नदी के बीच में बालू का टीला नजर आने लगा।
इससे बाढ़ आने की स्थिति में एप्रोच के पास कटान का खतरा हो सकता है। इसकी जानकारी होने पर एनएचएआई दिल्ली हेड क्वार्टर के अधिकारी एके श्रीवास्तव के नेतृत्व में एनएचएआई के परियोजना निदेशक ललित प्रताप पाल, कंसलटेंट डॉ. अनिल कुमार, जेपी ग्रुप के विकास व राजीव शर्मा के साथ बड़हलगंज पुल का स्थलीय निरीक्षण करने पहुंचे थे।
अधिकारियों ने पुल के नीचे उतरकर देखा तो एप्रोच के पास बोल्डर पिचिंग नहीं दिखी। जबकि बाढ़ आने पर पानी यहां तक चढ़ता है। ऐसे में अगर धारा मुड़ने पर कटान एप्रोच की तरफ होता है तो मुश्किल बढ़ जाएगी।
जांच कर लौटने के बाद विशेषज्ञों की कमेटी ने जो सुझाव भेजे हैं, उसके अनुसार पिलर से एप्रोच की तरफ मुड़ रही नदी की धारा को सीधा करने के लिए नदी में ड्रेजिंग (खोदाई) करानी होगी। इसके साथ ही पुल के एप्रोच के चारों तरफ नदी की तरफ बोल्डर पिचिंग भी जरूरी है।
कम्हरिया घाट पर 200 करोड़ से चल रहा है बचाव कार्य
बड़हलगंज से करीब 40 किलोमीटर दूर कम्हरिया घाट पर लिंक एक्सप्रेस-वे का पुल बनाया गया है। गोरखपुर-संतकबीरनगर जिले के बाॅर्डर पर स्थित इस पुल के पास भी सरयू नदी की धारा मुड़ी और कटान तेज होने के चलते एक्सप्रेस-वे धंसने लगा था। पुल क्षतिग्रस्त होने की आशंका को देखते हुए आवागमन रोककर पहले पुल की मरम्मत शुरू कराई गई। साथ ही धारा मोड़ने के लिए सिंचाई विभाग के विशेषज्ञों की मदद ली गई। इसके लिए करीब 200 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
वर्जन
गोरखपुर-वाराणसी नेशनल हाईवे के बड़हलगंज बाईपास पुल को बचाने के लिए सरयू नदी की धारा को सीधा करना पड़ेगा। ऐसा विशेषज्ञ कमेटी ने सुझाव दिया है। इसके अलावा एप्रोच के पास बोल्डर पिचिंग भी जरूरी है। ये सारे काम सिंचाई विभाग ही करवा सकता है। इसलिए इस रिपोर्ट के आधार पर सिंचाई विभाग को पत्र भेजा जाएगा।
- ललित पाल, परियोजना निदेशक, एनएचएआई