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Gorakhpur News: मई-जून से भी बदतर सितंबर का हाल..लोग बेहाल

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तापमान 36.9 डिग्रीः शुक्रवार को सामान्य से साढ़े चार डिग्री अधिक रहा दिन का तापमान



दो दिन पहले हुई थी हल्की बारिश, इसके बाद हो रही है तेज धूप



गोरखपुर। लौटते मानसून की वजह से पूर्वांचल में भी मौसम का मिजाज बिगड़ गया है। मई-जून से भी बदतर सितंबर का हाल हो गया है। लोग तीखी धूप, गर्मी-उमस से बेहाल हो जा रहे हैं। दो दिन पहले हुई हल्की बारिश के बाद शुक्रवार को दिन का अधिकतम तापमान 36.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 4.7 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है। वहीं न्यूनतम तापमान भी 26.1 डिग्री रहा जो सामान्य से 1.9 डिग्री अधिक है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक ऐसी ही स्थिति बनी रहने के आसार हैं।



मौसम विज्ञानियों के अनुसार, अगले दो दिनों में गुजरात, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के शेष हिस्सों के अलावा मध्य प्रदेश, यूपी और उत्तराखंड के कुछ और इलाकों से भी मानसून विदाई ले सकता है। इस वजह से तापमान में उतार-चढ़ाव और उमस की स्थिति बनी हुई है।
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पांच दिन तक नहीं होगा बड़ा बदलाव



मौसम विभाग के टीबी सिंह ने बताया कि अगले पांच दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने के आसार नहीं हैं। हालांकि, मानसून की वापसी पूरी होने के बाद रात और सुबह के तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आ सकती है। अभी दिन में तेज धूप और उमस लोगों को परेशान कर रही है।



आर्द्रता भी बढ़ा रही परेशानी



गोरखपुर में शुक्रवार को अधिकतम आर्द्रता 92 प्रतिशत और न्यूनतम आर्द्रता 53 प्रतिशत रही। इस कारण दिन में उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया। धूप और नमी का मेल लोगों को थका और चिड़चिड़ा बना रहा है।
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आश्विन मास के धूप में सूख जाती है त्वचा



गोरखपुर। हिंदी पंचाग के अनुसार, आश्विन मास बरसात और सर्दी का संधिकाल है। इस महीने धूप सबसे तेज लगती है। सेवानिवृत्त शिक्षक डॉ. आरबी त्रिपाठी बताते हैं कि इस महीने से पहले बारिश की वजह से आसमान भी साफ रहता है और जमीन नम होने की वजह से धूल भी नहीं उड़ती, इसी वजह से आश्विन मास में धूप तीखी लगती है। पुरानी कहावत है कि इस महीने धूप में त्वचा भी सूख जाती है। इसके साथ ही इस वक्त की धूप धान की फसल के लिए भी लाभदायक मानी जाती है। हालांकि ऐसी स्थिति अब करीब 15 दिन पहले ही आ गई है, जिस वजह से स्थिति असामान्य लग रही है।
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