फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: डीजे का तेज शोर बंद...पर अब भी झनझना रहे कान

विज्ञापन
विज्ञापन
प्रतिमा विसर्जन के दौरान डीजे के तेज शोर से लोगों में बढ़ गई थी बेचैनी और ब्लड प्रेशर
विज्ञापन

गोरखपुर। दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान डीजे के तेज शोर से कराह रहे लोगों ने आखिरकार शनिवार रात को सुकून की सांस ली। शाम तक सभी प्रतिमाओं के विसर्जन के बाद डीजे का तेज शोर भी बंद हो गया। कई दिनों बाद शहरवासियों ने चैन की नींद ली। लोगों ने बताया कि कानफोड़ू शोर से मानसिक और शारीरिक थकान बढ़ गई थी। शोर थमने के बाद राहत तो मिली लेकिन उसके असर से अभी तक पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं। अभी तक कान झनझना रहे हैं।
लोगों का कहना है कि लगातार तेज आवाज में डीजे बजने से ब्लड प्रेशर, घबराहट और अनिद्रा जैसी दिक्कतें बढ़ गई थीं। बसंतपुर निवासी रमेश कुमार श्रीवास्तव (68) ने बताया-हृदय रोगी हूं। घर के आसपास कई दिनों तक बज रहे डीजे की आवाज से सिरदर्द, घबराहट और हृदय गति बढ़ने जैसी समस्याएं हो रही थीं।
विज्ञापन

अलीनगर निवासी राजेंद्र प्रसाद गुप्ता ने बताया कि वह हाई ब्लडप्रेशर और शुगर के मरीज हैं। डीजे की तेज आवाज के कारण कई दिनों तक ठीक से सो नहीं सके। चिड़चिड़ापन बढ़ गया और बिना वजह गुस्सा आने लगा।
डीजे के शोर ने बीमारों को गंभीर बनाया

डीजे की तेज आवाज से कई रातों तक मन अशांत रहा। विसर्जन के दिन तो हालत और खराब हो गई थी। मेरी मां को लकवे की शिकायत है, डीजे की आवाज से उनकी परेशानी बढ़ गई।
हृदयचंद सैनी, बसंतपुर
डीजे के तेज शोर से कई दिनों तक बेचैनी रही। अब तेज बोलने की आदत पड़ गई है। ग्राहक भी हमारे बात करने के तरीके पर ध्यान दिला रहे हैं।
रवि खेमका, बसंतपुर

अब लक्ष्मी पूजा और सहालग में परेशान करेगा कानफोड़ू डीजे
एक माह के लगन में जिले में होंगी करीब पांच हजार शादियां
दो माह पहले से ही चालू है बुकिंग, उसके पहले लक्ष्मी पूजन में बजेगा डीजे
गोरखपुर। नवरात्र और प्रतिमा विसर्जन के बाद अब शहर में लक्ष्मी पूजा और शादी-विवाहों के मौके पर कानफोड़ू डीजे से लोगों की परेशानी बढ़ने वाली है। 18 नवंबर से लगन शुरू हो रहा है और दिसंबर के मध्य तक लगातार विवाह समारोहों का दौर चलेगा। इस दौरान शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग पांच हजार से अधिक शादियों का आयोजन होने का अनुमान है।
डीजे संचालकों के अनुसार, एक शादी में औसतन 15 से 25 हजार रुपये तक की बुकिंग हो रही है। जिन आयोजनों में डीजे के बड़े सेटअप की मांग रहती है, वहां यह दर 40 हजार रुपये तक पहुंच जाती है। फिलहाल जिले में करीब पांच हजार डीजे संचालक सक्रिय हैं लेकिन इनमें से केवल 20 प्रतिशत के पास दुकानें हैं। शेष 80 प्रतिशत संचालक अपने घरों से ही कारोबार चला रहे हैं। ये लोग अपने सेटअप (साउंड सिस्टम, लाइट, जेनरेटर और ट्रॉली) घर पर रखते हैं और बुकिंग के बाद सीधे आयोजन स्थल पर पहुंचकर सिस्टम इंस्टॉल कर देते हैं।
विज्ञापन

यह है ध्वनि का मानक
ध्वनि नियंत्रण मानक के अनुसार, आवासीय क्षेत्र में दिन में 55 और रात में 45 डेसिबल से अधिक ध्वनि की अनुमति नहीं है। जबकि डीजे का औसत साउंड स्तर 90 से 120 डेसिबल तक पहुंच जाता है। इससे न सिर्फ बुजुर्ग और बच्चों को परेशानी होती है, बल्कि अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास भी शांतिभंग होती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें