गोरखपुर रामगढ़ताल के किनारे बन रही सड़क की पुलिया तैयार हो गई है। सड़क भी लगभग तैयार हो गई है। बस केवल पेंटिंग का काम बाकी रह गया है जो तीन से चार दिन में पूरा हो जाएगा। 25 मार्च के आसपास मुख्यमंत्री से इसके उद्घाटन की तैयारी है। इस सड़क पर आवागमन बहाल होने से मोहद्दीपुर चौराहे को जाम से मुक्ति मिल जाएगी।
पैडलेगंज चौराहे से मोहद्दीपुर स्थित आरकेबीके एजेंसी तक रामगढ़ताल के किनारे टू लेन रिंग रोड 2.66 किलोमीटर लंबी है। यह सड़क 10.5 मीटर चौड़ी बनाई जा रही है। इस सड़क का निर्माण जनवरी में ही पूरा होना था, लेकिन पैडलेगंज की तरफ पुलिया निर्माण के चलते देरी हुई।
अब पुलिया और उसकी रेलिंग का काम पूरा होने के बाद शनिवार को वहां एप्रोच पर गिट्टी व मिट्टी डालकर सड़क को आवागमन लायक बना दिया गया। अब सड़क की एक कोट पेंटिंग ही बाकी है। जीडीए के अफसर इसके जल्द लोकार्पण की तैयारी में जुट गए हैं।
जीडीए सचिव उदय प्रताप सिंह ने बताया कि अब कुछ छोटे-छोटे काम ही बचे हैं, जिन्हें दो से तीन तीन में पूरा करा लिया जाएगा। गोरक्ष इन्क्लेव का भी निर्माण लगभग पूरा हो गया है। मार्च के अंतिम सप्ताह में इन दोनों का लोकार्पण कराया जाएगा। गोरक्ष इन्क्लेव के आवंटियों को पत्र भेजकर उनकी रजिस्ट्री भी कराई जा रही है।
आयुष विश्वविद्यालय का 31 मार्च तक पूरा हो जाएगा निर्माण
गोरखपुर भटहट ब्लॉक के पिपरी गांव में बन रहे प्रदेश के पहले आयुष विश्वविद्यालय का भवन लगभग तैयार हो गया है। 31 मार्च तक सभी अवशेष कार्यों को पूरा कर लिया जाएगा। अब यहां फिनिंशिंग का काम भी अंतिम चरण में पहुंच गया है। निर्माण पूरा होने के बाद इसके उद्घाटन की तारीख तय होगी। इस साल से नए भवन में ही शिक्षण कार्य होना है।
महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय का शिलान्यास 28 अगस्त 2021 को तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते अक्तूबर में निरीक्षण कर विश्वविद्यालय का निर्माण 30 नवंबर तक पूरा करने का निर्देश दिया था।
इसके बाद से निर्माण कार्य में तेजी आई। अब फिनिशिंग से संबंधित जो कुछ कार्य शेष हैं, वह तेजी से पूरा कराए जा रहे हैं। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता अर्जुन मित्रा ने बताया कि सभी कार्य जल्द से जल्द पूरा कराने का प्रयास चल रहा है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस पहले आयुष विश्वविद्यालय में परंपरागत के साथ यूनिक पाठ्यक्रम भी शुरू करने की तैयारी की है। विश्वविद्यालय की आगामी योजना में आयुर्वेद, होम्योपैथ, यूनानी, योग और नेचुरोपैथी के 12 पाठ्यक्रमों को शामिल किया गया है।